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लाहौर में सिख विरासत से जुड़े स्थलों पर मंडराया खतरा! अकाल तख्त के जत्थेदार ने मरियम नवाज को लिखी चिट्ठी

Published: Thu, 24 Sep 2026 12:42 PM (IST)

अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने पाकिस्तान पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ को पत्र लिखा है।

श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार व पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज शरीफ (फाइल)

श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार व पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सीएम मरियम नवाज शरीफ (फाइल)

HighLights

  1. जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने मरियम नवाज को पत्र लिखा

  2. लाहौर में सिख विरासत स्थलों की सुरक्षा की मांग की

  3. लाल कुआं, कटड़ा चंदू की आधिकारिक जांच का आग्रह

जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने पाकिस्तान पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ को पत्र लिखकर लाहौर के अंदरूनी शहर में सिख इतिहास से जुड़े विरासत स्थलों की सुरक्षा और संभाल सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत से जुड़े लाल कुआं, कटड़ा चंदू की मौजूदा स्थिति की आधिकारिक जांच करवाने को कहा है।

पाकिस्तान सरकार के प्रांतीय मंत्री और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा को भी पत्र की प्रति भेजी गई है।

जत्थेदार ने स्पष्ट किया कि पत्र का उद्देश्य किसी सरकार, संस्था या व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि लाहौर की साझा ऐतिहासिक विरासत की ओर ध्यान दिलाना है।

लाहौर सिख इतिहास के लिए महत्वपूर्ण स्थान

उन्होंने कहा कि लाहौर सिख इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है, जहां गुरु साहिबान की यादों, सिख शहीदों की कुर्बानियों और गुरसिख परंपरा से जुड़े अनेक ऐतिहासिक अध्यायों की निशानियां रही हैं।

समय के साथ शहरी विकास, पंजाब के विभाजन और अन्य परिस्थितियों के कारण कई निशानियां समाप्त हो चुकी हैं या अपने मूल स्वरूप में नहीं हैं। ऐसे में जो ऐतिहासिक निशानियां आज भी मौजूद हैं, उनकी सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

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जत्थेदार गड़गज ने लहंदे पंजाब में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब की संभाल और उन्हें दोबारा खोलने के लिए पाकिस्तान पंजाब सरकार की ओर से विशेष फंड जारी करने के प्रयास की सराहना भी की।

उन्होंने कहा कि लाहौर के अंदरूनी शहर में लाल कुआं, कटड़ा चंदू के आसपास निर्माण संबंधी कार्रवाई की जानकारी सिख संगत के माध्यम से श्री अकाल तख्त साहिब के ध्यान में आई है। इस संबंध में किसी अनुमान के बजाय आधिकारिक तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए।

पत्र के जरिए की गई ये मांग

पत्र में मांग की गई है कि लाल कुआं, कटड़ा चंदू की तत्काल मौजूदा स्थिति की जांच करवाई जाए। यदि वहां किसी प्रकार का निर्माण या बदलाव चल रहा है तो जांच पूरी होने तक उसे रोक दिया जाए।

इसके साथ ही वाल्ड सिटी आफ लाहौर अथॉरिटी, पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों से स्थल की ऐतिहासिक और विरासती महत्ता की जांच करवाने को कहा गया है।

जत्थेदार ने यह भी सुझाव दिया कि यदि जांच में स्थल की ऐतिहासिक महत्ता साबित होती है तो उसे कानूनी तौर पर संरक्षित विरासत स्थल के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा लाहौर के अंदरूनी शहर में सिख इतिहास से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों का व्यापक विरासत सर्वेक्षण करवाकर उनकी मौजूदा स्थिति, ऐतिहासिक महत्ता, मालिकाना अधिकार और कानूनी स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाए। किसी ऐतिहासिक स्थल की केवल छोटी सी निशानी भी बची हो तो उसे ऐतिहासिक स्मृति से देखा जाना चाहिए।

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