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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab News: पंजाब में आरपीजी जैसे और हमलों की फिराक में था आतंकी अजमीत मीता

By Jagran NewsEdited By: Babli Kumari
Published: Mon, 26 Dec 2022 08:34 AM (IST)

Punjab News RPG हमले के साजिशकर्ता अजमीत सिंह मीता ने पुलिस पूछताछ में कई राजफाश किए हैं। सूत्रों के अनुसार ...और पढ़ें

आरपीजी जैसे और हमलों की फिराक में था आतंकी अजमीत मीता
आरपीजी जैसे और हमलों की फिराक में था आतंकी अजमीत मीता

तरनतारन, धर्मबीर सिंह मल्हार l तरनतारन पुलिस थाना सरहाली पर नौ दिसंबर की रात को हुए राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले के साजिशकर्ता अजमीत सिंह मीता ने पुलिस पूछताछ में कई राजफाश किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में बंद अजमीत ने पंजाब की कई जेलों में अपना नेटवर्क बनाया हुआ है और वह थाना सरहाली की तरह राज्य के अन्य पुलिस थानों व पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों को निशाना बनाने की फिराक में था।

पाकिस्तान में बैठे कुछ ऐसे तस्करों के नाम भी उजागर किए

सूत्रों के अनुसार पूछताछ में अजमीत ने पाकिस्तान में बैठे कुछ ऐसे तस्करों के नाम भी उजागर किए हैं जो किशोरों को पैसों का लालच देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करते रहे हैं। उसने यह भी बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने कनाडा में बैठे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के आतंकी लखबीर सिंह लंडा को पंजाब में सीरियल बम ब्लास्ट करने का टारगेट दिया था। उसके बाद लंडा को केएलएफ का चीफ घोषित करने का लालच दिया गया था।

टारगेट मिलने के बाद लखबीर लंडा ने नवंबर के पहले सप्ताह यूरोप में बसे और गांव नौशहरा पन्नुआ के रहने वाले आतंकी सतबीर सिंह सत्ता, गांव चंबल के रहने वाले गुरदेव सिंह जस्सल के अलावा अपने करीबी अजमीत मीता से संपर्क किया। इस दौरान अजमीत को थाने पर आरपीजी हमले का टारगेट दिया गया तो इसे पूरा करने के लिए अजमीत ने लंडा से आर्थिक मदद मांगी थी।

तरनतारन आतंकी हमला

हमले से पहले तरनतारन से संबंधित एक बिल्डर से रंगदारी के 15 लाख रुपये की वसूली करवाई l

अजमीत ने पंजाब की जेलों में बनाया नेटवर्क, आतंकी लखबीर लंडा के कहने पर करवाया था हमला l

पूछताछ में बोला, लालच देकर किशोरों को आतंकी गतिविधियों में शामिल कर रहे पाकिस्तानी तस्कर

रंगदारी के रूप में 15 लाख रुपये की वसूली

पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी कड़ी के तहत अजमीत ने तरनतारन से संबंधित एक बिल्डर के परिवार को जान से मारने की धमकियां देकर रंगदारी के रूप में 15 लाख रुपये की वसूली करवाई थी। इसमें से आधी राशि अजमीत ने थाना सरहाली पर आरपीजी हमला करने वाले आरोपितों में बंटवाई और शेष की राशि लखबीर लंडा के किसी खास को मुहैया करवाई थी। थाने पर हमले के संबंध में गिरफ्तार किए गए छह आरोपितों में से दो नाबालिगों को उसी समय जेल भेज दिया गया था, जबकि नौशहरा पन्नुआ के रहने वाले आरोपित गुरप्रीत सिंह गोपी व जोबन प्रीत सिंह, चोहला साहिब के गुरलाल सिंह गहला और गांव ठट्ठियां महंता के सुरलालपाल सिंह को विभिन्न ठिकानों से गिरफ्तार किया था।

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उनसे हुई पूछताछ के बाद अजमीत का नाम सामने आया था। इसी वर्ष अक्टूबर में रंगदारी न देने पर गांव रसूलपुर के दुकानदार गुरजंट सिंह जंटा की हत्या में आरोप में पकड़े गए अजमीत को पुलिस पूछताछ के लिए गोइंदवाल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी।

अजमीत और उसके चारों साथियों का रिमांड खत्म होने के बाद रविवार को उन्हें थाना सरहाली के प्रभारी इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह की नेतृत्व में कड़ी सुरक्षा के बीच ड्यूटी मजिस्ट्रेट तनवीर सिंह माधव की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पांचों आरोपितों को दो सप्ताह के लिए न्यायिक हिरासत भेजने के आदेश दिए। अदालत के आदेश पर पांचों आरोपितों का सिविल अस्पताल से मेडिकल करवाने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।

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