बैसाखी पर 1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना, पंजा साहिब में होगा मुख्य समागम; 32 के वीजा हुए रद
बैसाखी पर 1763 सिख श्रद्धालुओं का जत्था अमृतसर से पाकिस्तान रवाना हुआ। पंजा साहिब में मुख्य समागम होगा। 32 लोगों के वीजा रद हुए। जत्था 19 अप्रैल को भारत लौटेगा।

पाकिस्तान रवाना होने से पहले अरदास करते हुए सिख श्रद्धालु।
HighLights
1763 सिख श्रद्धालु बैसाखी पर पाकिस्तान रवाना हुए।
गुरुद्वारा पंजा साहिब में मुख्य बैसाखी समागम आयोजित होगा।
32 श्रद्धालुओं के वीजा रद्द होने से निराशा हुई।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। खालसा साजना दिवस और बैसाखी के पावन अवसर पर अमृतसर से सिख श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना हो गया। इस जत्थे में कुल 1763 श्रद्धालु शामिल हैं, जो अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेंगे।
रवाना होने से पहले श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में श्रद्धालुओं के बीच भारी उत्साह देखा गया। पूरे वातावरण में ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था और उमंग साफ झलक रही थी।
जानकारी के अनुसार, बीते दिन ही सभी श्रद्धालुओं को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यालय से पासपोर्ट प्रदान किए गए थे। हालांकि इस बीच 32 श्रद्धालुओं के वीजा रद होने की खबर भी सामने आई है, जिससे कुछ लोगों में निराशा भी देखी गई।
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आज जत्था श्री पंजा साहिब पहुंचेगा
यह जत्था पाकिस्तान के हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब पहुंचेगा, जहां बैसाखी का मुख्य समागम आयोजित किया जाएगा। सिख इतिहास में इस पवित्र स्थल का विशेष महत्व है और यहां माथा टेकना हर श्रद्धालु के लिए सौभाग्य माना जाता है।
इसके अलावा श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित अन्य प्रमुख गुरुद्वारों के भी दर्शन करेंगे, जहां गुरु साहिबानों की पावन यादें जुड़ी हुई हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों और कीर्तन में भी भाग लेंगे।
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19 अप्रैल को होगी वापसी
पाकिस्तान सरकार की ओर से इस वर्ष कुल 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। यह धार्मिक यात्रा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को भी मजबूत करती है।
आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण करने के बाद यह जत्था 19 अप्रैल को भारत वापस लौटेगा। श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खास उत्साह है और वे इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव मान रहे हैं।
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