लखनऊ, जेएनएन। करीब ढाई वर्ष बाद योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार अंतत: सुनिश्चित हो गया। इसकी तैयारी शुरू हो गयी है। बुधवार को राजभवन में 11 बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलायी जाएगी। कई विधायकों को पहली बार मंत्री बनने का मौका मिलेगा वहीं कुछ मंत्रियों की छुट्टी होनी तय है। कई मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार से कैबिनेट और राज्यमंत्री से स्वतंत्र प्रभार पर प्रोन्नति मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश की करीब ढाई वर्ष पुरानी योगी आदित्यनाथ सरकार का पहला विस्तार कल होगा। राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करीब दर्जन मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी। इसके साथ ही तीन-चार राज्यमंत्रियों का कद बढ़ाकर उनको कैबिनेट मंत्री पद की शपथ भी दिलाई जाएगी। अभी योगी आदित्यनाथ सरकार में 20 कैबिनेट, 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 13 राज्यमंत्री हैं।

राजभवन में बुधवार को होने वाले इस सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में करीब एक दर्जन मंत्री शपथ लेंगे। इसके अलावा तीन से चार स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्रियों का भी प्रमोशन कर उन्हें कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई जाएगी। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का पहला विस्तार कल यानी 21 अगस्त को होगा। पहले मंत्रिमंडल का यह विस्तार सोमवार 19 अगस्त को प्रस्तावित था, लेकिन ऐन मौके पर उसे टाल दिया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी आज देर शाम नई दिल्ली से लखनऊ लौटेंगी।

एक बार फिर से मंत्रियों के शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार बनने के सवा दो साल से अधिक समय के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने मंत्रिमंडल का पहला विस्तार करने वाले हैं। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए राजभवन ने मंगलवार को आमंत्रण पत्र जारी कर दिया है। इसके पहले राजधानी के देवा रोड स्थित एक होटल में आरएसएस, भाजपा और सरकार के बीच समन्वय बैठक हुई। बैठक में शपथ दिलाने वाले विधायकों और हटाये जाने वाले मंत्रियों के नाम पर चर्चा हुई। बैठक में आरएसएस के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश समेत कई प्रमुख लोग बैठक में शामिल हुए। बैठक समाप्त होने के बाद फिर सभी लोग मुख्यमंत्री के पांच कालिदास मार्ग स्थित आवास पर आ गए।

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ये होंगे नए चेहरे

राजभवन में बुधवार को रक्षा मंत्री के पुत्र पंकज सिंह, अशोक कटारिया, मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, संजय यादव, हरिशंकर महौर, डॉ. अनीता लोधी, उमेश मलिक, संजय शर्मा, कृष्णा पासवान, पक्षालिका सिंह, रमाशंकर पटेल, चौ.उदयभान सिंह, चंद्रिका उपाध्याय, विद्यासागर सोनकर तथा जीएस धर्मेश उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में नये चेहरे होंगे।  मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले संभावितों के नामों पर मुहर लग चुकी है।  बुलंदशहर के अनिल शर्मा तथा मुजफ्फरनगर से कपिल देव अग्रवाल का नाम भी मंत्री बनने वालों की सूची में है। इसके साथ ही कुछ पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है।

भाजपा संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले एमएलसी अशोक कटारिया का भी मंत्री बनन तय माना जा रहा है। इनके साथ तीन से चार राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार को कैबिनेट मंत्री के तौर पर प्रमोट किया जा रहा है। सभी शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची राजभवन को भेज दी गई है। फेरबदल में कुछ मंत्रियों की छुट्टी होना तय है तो शपथ के बाद कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे।

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पांच स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों का प्रमोशन होगा

सुरेश राणा,महेंद्र सिंह, अनिल राजभर,भूपेंद्र सिंह तथा धर्मसिंह सैनी कैबिनेट मंत्री की शपथ लेंगे। 

पांच मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा

लोकसभा चुनाव 2019 में कैबिनेट मंत्री रहीं रीता बहुगुणा जोशी ने इलाहाबाद से सत्यदेव पचौरी ने कानपुर से और एसपी सिंह बघेल ने आगरा से जीत दर्ज की थी। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी योगी मंत्रिमंडल से बाहर हो चुके हैं जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद स्वतंत्र देव सिंह ने भी अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

मंत्रिमंडल विस्तार टलने से कई मंत्रियों को अधिक राहत नहीं

दो वर्ष पांच माह बाद मंत्रिमंडल विस्तार की खबर ने कुछ विधायकों की आंखों की चमक जरूर बढ़ा दी थी लेकिन कई मंत्रियों को कुर्सी छिन जाने का भी खतरा सताने लगा था। अचानक विस्तार टल जाने से मंत्रियों ने राहत की सांस ली थी। अपनी कुर्सी बचाने के लिए धर्मस्थलों से लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के प्रभावी नेताओं के यहां परिक्रमा भी शुरू हो गई। हालांकि इन सभी की यह राहत अधिक नहीं रह सकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ मंत्रियों की कार्यशैली से नाराज हैं। बीते दिनों कई विभागों में हुए तबादलों को निरस्त करने के साथ ही कामकाज के तौर तरीकों पर भी उन्होंने सवाल उठाये। कुछ विभागों की शिकायत अधिकारियों ने भी की। सूत्रों के मुताबिक ऐसे विभागों के मंत्रियों पर तलवार लटक गई है। जातीय समीकरण के चलते भले कुछ मंत्रियों की छुट्टी नहीं हो लेकिन उनका विभाग बदला जाना तय है।  गंभीर शिकायतों के चलते कुछ लोगों की कुर्सी भी जानी तय मानी जा रही थी। शुक्रवार से ही ऐसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई थी। 

बढ़ाई जा सकती मंत्रियों की संख्या

प्रदेश में 60 मंत्री बनाये जा सकते हैं जबकि मौजूदा समय में योगी समेत मंत्रिमंडल की कुल संख्या 43 हैं। इनमें स्वतंत्र प्रभार के नौ और 13 राज्यमंत्री हैं। संकेत मिल रहे हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार में संख्या बढ़ायी जा सकती है। इसमें संगठन को तरजीह देने के साथ क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने पर भी जोर है।

Posted By: Dharmendra Pandey

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