यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली में अब टैक्स चोरों की खैर नहीं, गड़बड़ी करने वालों पर केजरीवाल सरकार की नजर
भ्रष्टाचार को लेकर भी दिल्ली सरकार का सख्त निर्देश है कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। आम आदमी पार्टी की (आप) सरकार ने साफ कर दिया है कि टैक्स चोरों की अब खैर नहीं है। शहर के विकास और दिल्ली की जनता के बेहतर भविष्य के लिए ईमानदारी के साथ टैक्स देना ही होगा। दिल्ली के विकास के लिए पैसे की जरूरत है। पैसा होगा तभी दिल्ली का विकास और तेजी से हो सकेगा। इस बात के संकेत उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने पदभार संभालते हुए दे दिए हैं।
यह बात बार-बार उठती रही है कि दिल्ली में बड़े स्तर पर कर चोरी हो रही है। कर चोरी न हो इसको लेकर सरकार जो व्यवस्था करना चाहती थी वह आज तक नहीं खड़ी हो सकी है। सिसोदिया का नारा है कि सच्चा राष्ट्रभक्त ईमानदारी से कर भरता है, कर की चोरी नहीं करता। वहीं आप सरकार ने पहले से ही अधिकारियों को निर्देश दिए हुए हैं कि वे बगैर पुख्ता सूचना के किसी के यहां छापेमारी न करें। किसी को परेशान करने के लिए छापेमारी न करें। देखा जाए तो इसके बावजूद छापेमारी बंद नही हुई है मगर कम जरूर हो गई है। सरकार का मानना है कि अभी भी पूरा कर संग्रहण नहीं हो रहा है। कहीं न कहीं कुछ कमी जरूर है।
गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
भ्रष्टाचार को लेकर भी दिल्ली सरकार का सख्त निर्देश है कि गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में बीते साल सिसोदिया ने शिकायत मिलने पर कर विभाग के एक साथ 25 निरीक्षकों का तबादला कर दिया था। मगर इस सबके बीच इस चुनाव के दौरान जीएसटी के मामले को सुलटने के लिए दो लाख की रिश्वत लेते हुए एक अधिकारी को पकड़ा गया। जिसने सभी के कान खड़े कर दिए थे। इससे पहले बीते साल गड़बड़ियों की शिकायतों के चलते सिसोदिया के निर्देश पर व्यापार व कर विभाग ने 56 हजार ऐसे व्यापारियों का पता लगाया था जो विभिन्न मानदंडों पर खरे नहीं उतरे थे।
गलत लाभ लेने के लिए किए गए जीएसटी फ्रॉड
जीएसटी फ्रॉड से जुड़े ज्यादातर मामले इनपुट क्रेडिट का गलत लाभ लेने के लिए किए गए थे। ऐसे लोग वास्तव में व्यापार नहीं करते थे बल्कि वे केवल पेपरों पर ही वस्तुओं की बिक्री-खरीद दिखाते थे। अब सरकार इसे लेकर और सख्त है। सरकार में आने के पहले ही दिन वित्त मंत्री सिसोदिया ने कर विभाग के अधिकारियों को बुलाकर बैठक ली। उन्होंने कर चोरी रोकने और विभाग से भ्रष्टाचार दूर किए जाने के सख्त निर्देश दिए।
