नई दिल्‍ली, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 69वां जन्‍मदिन है। उन्‍होंने नमामि देवी नर्मदे महोत्सव के तहत सरदार सरोवर बांध पर मां नर्मदा की पूजा अर्चना करके अपना जन्‍मदिन मनाया। साथ ही नर्मदा जिले के केवड़िया में बांध तथा स्टैचू ऑफ यूनिटी के पास चल रहीं विकास परियोजनाओं का जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने केवड़िया में बांध स्थल पर ही आयोजित एक जनसभा को संबोधित भी किया। इसके बाद उन्‍होंने गांधीनगर में अपनी मां हीरा बेन से मुलाकात की। 

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- प्रधानमंत्री मोदी ने गांधीनगर में अपनी मां हीरा बेन से मुलाकात की और उनके साथ भोजन किया।  

- प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को 70 साल तक भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इसके दुष्परिणाम, हिंसा और अलगाव के रूप में देश ने भुगता है। सरदार साहब की प्रेरणा से ही सरकार ने एक जरूरी फैसला देश के हित में लिया है। हम जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में विश्वास और विकास की गंगा बहाएंगे। यह सेवक भारत की एकता और श्रेष्ठता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने 100 दिन में कई बड़े फैसले लिए हैं। हम आप सबको विश्‍वास दिलाना चाहते हैं कि हमारी नई सरकार पहले से भी तेज गति से काम करेगी और बड़े लक्ष्‍यों को हासिल करेगी। 

- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन सरदार साहब द्वारा भारत की एकता की उनकी कोशिशों का स्वर्णिम पृष्ठ है। आज हैदराबाद मुक्ति दिवस भी है। सरदार साहब की कोशिशों से आज के दिन 1948 में हैदराबाद का भारत में विलय हुआ था। हैदराबाद आज देश की उन्नति और प्रगति में पूरी मजबूती से योगदान दे रहा है। कल्पना करें यदि सरदार पटेल जी की वह दूरदर्शिता ना रहती तो आज भारत का नक्शा कैसा होता और इसकी समस्याएं कितनी विकराल होतीं। एक भारत, श्रेष्ठ भारत के उनके सपने को आज देश साकार होते हुए देख रहा है। आजादी के दौरान जो काम अधूरे रह गए थे उन्‍हें आज देश पूरा करने की कोशिशें कर रहा है। 

- टूरिज्म की बात जब आती है तो स्टेचू ऑफ यूनिटी की चर्चा स्वभाविक है। स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी से पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। इसके कारण केवड़िया और गुजरात पूरे विश्व के टूरिज्म मैप पर प्रमुखता से आ गया है। पर्यटकों को आकर्षित करने के मामले में स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी ने अमेरिका के स्‍टैच्‍यू ऑफ लिबर्टी को भी पीछे छोड़ दिया है। इसके लोकार्पण के अभी केवल 11 महीने ही हुए हैं लेकिन अब तक 23 लाख से अधिक पर्यटक देश और दुनिया से यहां आ चुके हैं। हर दिन यहां औसतन साढ़े आठ हजार टूरिस्ट आ रहे हैं। मुझे बताया गया है कि पिछले महीने जन्माष्टमी के दिन तो रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे थे। अब हमें इस क्षेत्र को केवल सिंगल यूज प्‍लास्टिक से बचाना है। 

- प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कच्छ और सौराष्ट्र के उन क्षेत्रों में भी मां नर्मदा की कृपा हो रही है जो कभी सूखे से जूझ रहे थे। गुजरात में आज सिंचाई का नेटवर्क खड़ा हुआ है, पानी को बचाने का अभियान चलाया गया जिससे 12 लाख किसान परिवारों को फायदा हुआ है। गुजरात की 19 लाख हेक्टेयर भूमि खेती लायक हो गई है। IIM अहमदाबाद के एक अध्‍ययन में पाया गया है कि माइक्रो इरिगेशन के कारण ही गुजरात में 50 फीसद तक पानी की बचत हुई है। नर्मदा का पानी पारस है जो मिट्टी को सोना बना देता है। आज कच्छ नहीं, गुजरात के बड़े हिस्से के लिए पारस साबित हो रहा है। 

- पीएम ने कहा कि आज का यह अवसर बहुत भावनात्मक है। सरदार पटेल ने जो सपना देखा था वह दशकों बाद आज पूरा हो रहा है। सरदार सरोवर बांध और सरदार साहब की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, दोनों ही उसी इच्छाशक्ति और उसी संकल्पशक्ति के प्रतीक हैं। आज निर्माण और सृजन के देवता विश्वकर्मा जी की जयंती है। नए भारत के निर्माण के जिस संकल्प को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसमें भगवान विश्वकर्मा जैसी इच्छाशक्ति बहुत जरूरी है।

- प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के साथ साथ भी विकास हो सकता है। प्रकृति हमारे लिए आराध्य है, पर्यावरण को बचाते हुए कैसे विकास किया जाता है, इसका उदाहरण केवडिया में देखने को मिलता है। एक तरफ सरदार सरोवर बांध है, बिजली उत्पादन के यंत्र हैं तो दूसरी तरफ एकता नर्सरी, बटर-फ्लाई गार्डन जैसी इको-टूरिज्म से जुड़ी बहुत ही सुंदर व्यवस्थाएं हैं।  

- पीएम मोदी ने केवड़िया में बांध स्थल पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कभी मुझे मन करता था कि फोटो निकालूं लेकिन आज मन कर रहा था कि काश मेरे हाथ में कैमरा होता और मैं इन पलों को कैद कर लेता। आज सरदार पटेल का सपना साकार हुआ है। नर्मदा की योजना से गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों को लाभ मिलेगा। 

- पीएम मोदी केवड़िया के पास गरुणेश्वर गांव में भगवान दत्तात्रेय के मंदिर पहुंचे और वहां पूजा अर्चना की। 

- सरदार सरोवर बांध पर प्रधानमंत्री ने माता नर्मदा की पूजा अर्चना की। 

- सरदार सरोवर डैम का अवलोकन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी बटरफ्लाइ गार्डन पहुंचे और सैकड़ों तितिलियों को गार्डन में छोड़ा... 

- प्रधानमंत्री ने स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया और वहां स्थित एकता नर्सरी का भी अवलोकन किया।

- नर्मदा जिले के केवडिया में खलवानी इको-टूरिज्म स्थल का दौरा करते प्रधानमंत्री मोदी।

- जंगल सफारी का अवलोकन करने के बाद केवड़िया में कैक्‍टस गार्डन का जायजा लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। 

- नर्मदा डैम के पास जंगल सफारी का जायजा लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

बधाइयों का तांता 
प्रधानमंत्री को उनके जन्‍मदिन पर पूरी दुनिया से बधाइयां मिल रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, 'आपके नेतृत्व में उभरते नये भारत ने विश्व में एक मजबूत, सुरक्षित और विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी ट्वीट करके प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। उन्‍होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि हम मिलकर नेपाल और भारत द्विपक्षीय रिश्‍तों को और मजबूती देंगे।

- भाजपा ने प्रधानमंत्री को उनके जन्मदिन पर एक वीडियो संदेश के जरिए शुभकामनाएं दी है। प्रधानमंत्री के घर के बाहर भारी संख्‍या में लोग जमा हुए हैं। 

- कांग्रेस की अंतिरम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनकी लंबी उम्र और अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य की कामना की है।

पीएम के जन्मदिन पर भाजपा 'सेवा सप्ताह' मना रही है। भाजपा की केंद्रीय इकाई समेत प्रदेश और जिला इकाई में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। पीएम के जन्मदिन पर 'सिंगल यूज प्लास्टिक' थीम पर जोर दिया जा रहा है।

ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा मोदी का जन्‍मदिन 
प्रधानमंत्री का जन्‍मदिन का ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है। उनके समर्थक उन्‍हें ट्वीट के जरिए जन्‍मदिन की बधाइयां दे रहे हैं। ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी के जन्‍मदिन से जुड़े सात हैशटैग टॉप इंडिया ट्रेंड्स में शामिल है। इनमें टॉप पर हैस टैग #happybirthdaynarendramodi ट्रेंड कर रहा है। #HappyBirthdayPM दूसरे नंबर पर जबकि #ShriNarendraModi पांचवें स्‍थान पर ट्रेंड कर रहा है।

भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह 
भाजपा कार्यकर्ताओं में पीएम मोदी के जन्‍मदिन को लेकर उत्साह देखते ही बनता है। भोपाल में कार्यकर्ताओं ने 69 फुट का केक काटा तो वहीं सूरत में देर रात पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में विधायक हर्ष संघवी के नेतृत्व में जोरदार आतिशबाजी की गई। मंगलवार को वहां 5,000 किलोग्राम का 500 फीट लंबा केक भी बनाया गया है। यह एक रिकॉर्ड होगा।

अब तक ऐसे मनाया जन्‍मदिन 
प्रधानमंत्री ने अब तक अपने जन्‍मदिन को अलग तरीकों से मनाया है। साल 2014 में वह मां हीराबा से मुलाकात की थी, जिन्होंने उन्हें 5001 रुपये का चेक दिया था। वर्ष 2015 में उन्होंने 1965 के युद्ध के सैन्य संग्रहालय सूर्यांजलि का दौरा किया था। वर्ष 2016 में अपने जन्मदिन पर गांधीनगर जाकर मां से आशीर्वाद लिया था। वहीं वर्ष 2017 में मेगा सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित किया तथा 2018 में काशी विश्वनाथ के दर्शन किए थे। 

दिग्‍गज अंतरराष्‍ट्रीय नेता की बनाई पहचान 
प्रधानमंत्री सोशल मीडिया के जरिये द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने में माहिर हैं। साल 2017 में अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन समझौता लागू कराने में उनकी बड़ी भूमिका रही। यही नहीं उन्‍होंने फ्रांस के साथ 130 देशों के सौर गठबंधन की पहल की। इन पहलकदमियों से वैश्विक नेता की उनकी छवि को मजबूती मिली। वह किसी देश की यात्रा, वहां किसी राष्ट्रीय आयोजन या नेता के जन्मदिन पर वे बधाई देना नहीं भूलते। विदेशी नेता और उनकी जनता से जुड़ाव के लिए वे वहां की भाषा में ट्वीट करते हैं।

कड़े फैसलों ने बनाया लोकप्रिय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान में सर्जिकल स्‍ट्राइक या एयर स्‍ट्राइक जैसे कदम उठाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर जो दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई उससे उनकी लोकप्रियता में जबर्दस्‍त इजाफा हुआ है। अपने पीएम पद की दूसरी पारी में पांच अगस्त को कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का जो ऐतिहासिक निर्णय हुआ, उसने भी पीएम मोदी की लोकप्रियता में चार चांद लगाने का काम किया। सियासी नतीजों की परवाह किए सधी रणनीति से कई विपक्षी दलों को साथ लेकर उन्होंने तीन तलाक जैसे कानून भी संसद से पारित कराया। इससे लोगों में उनकी दृढ़ इच्‍छाशक्ति का संदेश गया।  

शून्य से शिखर तक का सफर
वडनगर में एक निर्धन परिवार में 17 सितंबर 1950 को जन्‍मे पीएम मोदी में बचपन से ही देश सेवा की ललक थी। वह सेना में भी शामिल होने का सपना देखते थे। बचपन में नरेंद्र मोदी का परिवार काफी गरीब था और इसलिए जीवन संघर्ष से भरा रहा। उनके पिता स्थानीय रेलवे स्टेशन पर एक चाय के स्टॉल पर चाय बेचते थे। शुरुआती दिनों में नरेंद्र मोदी अपने पिता का हाथ बंटाया करते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कड़े संघर्ष के बाद शून्य से शिखर तक का सफर तय किया। देश सेवा के जज्‍बे के कारण ही पीएम मोदी पारम्परिक जीवन में नहीं बंधे। उन्‍होंने राजनीति में कदम रखने के बाद एक नई लकीर खींची। यही वजह है कि आज राजनीतिक दुनिया में कहा जाता है कि 'मोदी युग' चल रहा है।

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Posted By: Krishna Bihari Singh

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