नई दिल्ली, प्रेट्र। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को विदेशी मीडिया को भारत की वह तस्वीर पेश करने की सलाह दी जो अपने आसपास के हालात, लोगों के साथ बातचीत और चीजों को खुद देखने के बाद सामने आती है। विदेशी पत्रकारों को Kalinga-FCC पुरस्कार देने के लिए आयोजित समारोह में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका प्रहरी की है। उसे समाज के सिर्फ खराब पक्ष को ही नहीं पेश करना चाहिए, बल्कि सकारात्मक बदलावों को भी जगह देनी चाहिए।

मुखर्जी ने कहा, 'मैं आपसे अनुरोध करूंगा और आपको प्रोत्साहित करूंगा कि आप हमारे क्षेत्रों में जाएं, वहां के लोगों से मिलें, चीजों को खुद देखें और उसके आधार पर दुनिया के सामने भारत की तस्वीर पेश करें।'

पूर्व राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए भारत और दक्षिण एशिया से संबंधित रिपोर्टिग करने वाले पत्रकारों को पुरस्कार प्रदान किए। फॉरेन कॉरेस्पांडेंट क्लब (FCC) के 700 से ज्यादा पत्रकार सदस्य हैं, जो विदेशी मीडिया के लिए काम करते हैं।

प्रणब मुखर्जी ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होने के नाते मीडिया के पास बहुत ज्यादा ताकत है। वह बाकी के तीन स्तंभों-कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका को जवाबदेह बनाती है। मीडिया जनता और जनसेवकों के बीच मध्यस्थ है।

भारत में प्रिंट मीडिया की स्थिति बेहतर
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषता है कि एक तरफ जहां दुनिया भर में अखबार बंद हो रहे हैं भारत में वो तेजी से फल-फूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और इंटरनेट के विस्तार के बावजूद भारत में प्रिंट मीडिया पर प्रभाव नहीं पड़ा है। भारत में आज एक लाख से अधिक समाचार पत्रों और पत्रिकाओं का प्रकाशन हो रहा है, जिनकी प्रसार संख्या 48 करोड से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे अधिक प्रसार वाला अंग्रेजी अखबार भारत का ही है।

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