यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम मोदी ने कहा- हमारी सरकार जो संकल्प लेती है, उसे सिद्ध करती है; इशारों में समझाया डबल इंजन सरकार का लाभ
देशभर के नव-चयनित 71 हजार युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार मेले में विभिन्न राज्यों में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। तीसरे ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देशभर के नव-चयनित 71 हजार युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार मेले में विभिन्न राज्यों में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। तीसरे मेले का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार जो संकल्प लेती है, उसे सिद्ध करती है। पहले की तुलना में भर्ती प्रक्रिया अब अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। आज भर्ती प्रक्रिया में जिस पारदर्शिता और रफ्तार को देख रहे हैं, वह सरकार के हर काम में दिख रहा है। एक समय था, जब नियमित तौर पर होने वाली पदोन्नति में भी अलग-अलग अड़चनें आ जाती थीं।
उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीदों के साथ हुई वर्ष की शुरुआत
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि यह वर्ष 2023 का पहला रोजगार मेला है। इस वर्ष की शुरुआत उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीदों के साथ हुई है। यह उन 71 हजार परिवारों के लिए खुशियों की नई सौगात लेकर आया है, जिनके सदस्य को सरकारी सेवा करने का अवसर मिला है। आने वाले दिनों में लाखों परिवारों को सरकारी नौकरी में नियुक्ति मिलने वाली है। उन्होंने फिर से युवाओं को डबल इंजन सरकार का लाभ इशारों में समझाया। कहा कि केंद्र सरकार के साथ ही एनडीए और भाजपा शासित राज्यों में भी लगातार रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
कई राज्यों में होने वाला है रोजगार मेला का आयोजन
मालूम हो कि गत दिवस असम सरकार ने रोजगार मेला लगाया। आने वाले कुछ समय में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे राज्यों में आयोजन होने हैं। रोजगार मेले अब हमारी सरकार की पहचान बन गए हैं। यह दिखाता है कि हमारी सरकार जो संकल्प लेती है, उसे सिद्ध करके दिखाती है। रोजगार मेले की शुरुआत में पीएम ने युवाओं से भर्ती को लेकर उनके अनुभव जाने। कुछ अभ्यर्थियों ने इस पर संतोष जताया कि भर्ती प्रक्रिया की औपचारिकताएं जल्द पूरी हो गईं। वहीं, श्रीनगर के फैसल शौकत शाह और मणिपुर की वाहनी चोंग की तरह कई नव-चयनितों की खुशी का समान कारण था कि वह अपने-अपने परिवार के पहले सदस्य हैं, जिन्हें सरकारी नौकरी मिली है।
पारदर्शी और स्पष्ट भर्ती प्रक्रिया से हुआ योग्यता का सम्मान
उन्होंने पीएम को बताया कि रोजगार मेलों के आयोजन से अब उनके दोस्त भी सरकारी नौकरी के लिए प्रेरित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आनलाइन ट्रेनिंग माड्यूल आइजीओटी को भी काफी उपयोगी बताया। इस पर मोदी ने कहा कि इन युवाओं को सरकारी सेवा मिलने के साथ इस बात का भी संतोष है कि पारदर्शी और स्पष्ट भर्ती प्रक्रिया होने की वजह से उनकी योग्यता का सम्मान हुआ है। सभी ने महसूस किया होगा कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक बदलाव हुआ है।
सिटीजन इज आलवेज राइट हो शासन व्यवस्था का मंत्र
प्रधानमंत्री ने युवाओं को जिम्मेदारी का अहसास भी कराया। उन्होंने कहा कि व्यापार-कारोबार की दुनिया में आपने सुना होगा 'कंज्यूमर इज आलवेज राइट' । वैसे ही शासन व्यवस्था में हमारा मंत्र होना चाहिए 'सिटीजन इज आलवेज राइट'। यह भावना हमारे भीतर की सेवा प्रवृत्ति को और ताकत देती है। उन्होंने युवाओं को समझाया कि यह नहीं भूलना चाहिए कि जब आप सरकार में नियुक्त होते हैं तो सरकारी सेवा कहा जाता है, जबकि प्राइवेट में जाते हैं तो जॉब कहते हैं। पीएम ने प्रेरित करते हुए कहा कि मैं अपने अंदर के विद्यार्थी को कभी मरने नहीं देता हूं। आप भी कहीं भी पहुंचें, लगातार कुछ न कुछ सीखते जाइए। इससे आपकी क्षमता बढ़ेगी, आप जिस संस्थान से जुड़े हैं, उसकी क्षमता बढ़ेगी और इन सबके प्रयास से भारत की क्षमता बढ़ेगी। आप आगे बढ़ें, लेकिन हमारा देश भी आगे बढ़ना चाहिए।