विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Elections: असर दिखाने लगा यादवों पर PM मोदी का 'मोहन अस्त्र', भाजपा के करीब आती यादव बिरादरी

By Jagran News Edited By: Anurag Gupta
Published: Wed, 03 Jan 2024 09:33 PM (IST)

भाजपा ने जिस दिन डॉ. मोहन यादव को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की उसी समय से इसे ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (बाएं) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (दाएं)
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (बाएं) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (दाएं)

HighLights

  1. झांसी और नोएडा में 'धन्यवाद मोदी जी' कार्यक्रम कर जताई खुशी, अभी और आयोजनों की तैयारी
  2. क्षेत्रीय दलों के सजातीय कोर वोटबैंक को भी पार्टी की ओर जाने की है मोदी-शाह की रणनीति

जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। भाजपा ने जिस दिन डॉ. मोहन यादव को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की, उसी समय से इसे उत्तर प्रदेश और बिहार के यादव समाज पर केंद्रित दांव के रूप में देखा जाने लगा था। अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी (SP) और लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सजातीय वोटबैंक को मोहने में भाजपा कितनी सफल हुई, यह बाद में पता चलेगा, लेकिन हाल ही में यादव समाज द्वारा झांसी और नोएडा में आयोजित 'धन्यवाद मोदी जी' कार्यक्रम भाजपा में यह भरोसा जरूर भर रहे हैं कि यादवों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 'मोहन अस्त्र' असर दिखाने लगा है।

मध्य प्रदेश की सत्ता में भाजपा की बंपर वापसी के बाद भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने सभी को चौंकाते हुए उज्जैन के विधायक डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना दिया। चुनावी राजनीति में जातीय समीकरणों के मजबूत प्रभाव के बावजूद राज्य में तुलनात्मक रूप से कम भागीदारी वाली यादव बिरादरी से मुख्यमंत्री बनाने के निर्णय को पड़ोसी राज्य यूपी और बिहार की राजनीति से ही जोड़कर देखा गया।

यह भी पढ़ें: फिर छलका पूर्व CM शिवराज का दर्द, बोले- राजतिलक होते-होते वनवास हो जाना भी कोई बड़ा उद्देश्य होगा

अब जब लोकसभा चुनाव का समय और नजदीक आता जा रहा है तो मोहन यादव के चयन से जोड़े जा रहे तर्क जमीनी आधार पाते दिखाई देने लगे हैं। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा को जोड़ने वाले झांसी से हुई। 22 दिसंबर, 2023 को यादव समाज के प्रबुद्धजन ने वहां 'धन्यवाद मोदी जी' कार्यक्रम किया। फिर उसी तरह 28 दिसंबर, 2023 को गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में कार्यक्रम हुआ।

दोनों कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया कि उन्होंने उस यादव बिरादरी से मुख्यमंत्री बनाया, जिसे सामान्यत: भाजपा को मतदाता नहीं माना जाता। मंच से सपा और राजद के परिवारवाद पर भी प्रहार हुए। बेशक, कार्यक्रमों का प्रत्यक्ष संबंध भाजपा से नहीं था, लेकिन दोनों ही कार्यक्रमों में भाजपा उत्तर प्रदेश के महामंत्री व पश्चिमी उप्र के प्रभारी सुभाष यदुवंश को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया।

मोहन यादव भी हो सकते हैं सक्रिय

भाजपा सूत्रों ने बताया कि अभी यादव समाज की ओर से स्वयं कुछ कार्यक्रम किए जा सकते हैं। इसके बाद इसी तरह के कुछ बड़े कार्यक्रम भाजपा द्वारा किए जाएंगे। तैयारी यह है कि उन कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को बुलाया जाए। उनके साथ भाजपा के प्रमुख दायित्व पा चुके नेता भी मंच साझा करेंगे।

यह भी पढ़ें: पत्नी साधना संग शिवराज ने की मां नर्मदा की पूजा, बोले- भाई और मामा का रिश्ता स्थायी, पदों से इसका कोई संबंध नहीं

40 प्रतिशत यादव वोट पर है नजर

भाजपा उत्तर प्रदेश के महामंत्री डॉ. सुभाष यदुवंश का कहना है कि भाजपा ने परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर उठते हुए यादव के समाज के कई नेताओं को संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण पद दिए। अब मुख्यमंत्री भी बनाया। पार्टी 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की नीति पर काम कर रही है, इसलिए यादव समाज का 40 प्रतिशत वोट पाने का प्रयास भी कर रही है। यदि हम 20 प्रतिशत वोट भी अपने साथ जोड़ सके तो यह कई जातियों के योग से बड़ा होगा।