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UFC में कौन तय करता है किसकी फाइट किससे होगी? समझें पर्दे के पीछे का पूरा सिस्टम

Published: Sat, 17 Oct 2026 03:33 PM (IST)

यूएफसी में हर हफ्ते की फाइट कार्ड तय करने की जिम्मेदारी मैचमेकर्स के हाथों में होती है। वहीं, टाइटल फाइट्स ...और पढ़ें

जॉन जोन्स बनाम डेनियल कॉर्मियर

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स्पोर्ट्स डेस्क,नई दिल्ली। यूएफसी (UFC) में दो फाइटर्स के बीच मुकाबला तय करने की जिम्मेदारी मैचमेकर्स के हाथ में होती है। वो एथलीट्स की रैंकिंग्स, हालिया फॉर्म, पॉपुलारिटी और फाइटिंग स्टाइल को देखकर तय करते हैं कि दर्जनों फाइटर्स में से किसका मुकाबला किससे कराया जाए, जो फैंस को देखने में मजा आए और कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो।

यूएफसी में मुख्य तौर पर मेन इवेंट महीने में एक बार होता है। मगर फाइट नाइट हर हफ्ते होता है। इस वजह से यूएफसी ने फाइट तय करने की जिम्मेदारी सॉन शेल्बी और मिक मेनार्ड को दे रखी है।

दोनों ने आपस में अलग-अलग वेट कैटेगरी बांट रखी है। इस दौरान फाइटर्स के एजेंट और मैनेजर्स फाइट तय करने के लिए इनसे ही संपर्क करते हैं। हालांकि मेन इवेंट्स और टाइटल फाइट्स पर यूएफसी के प्रेजीडेंट डेना व्हाइट का ही फैसला होता है।

मैचमेकर्स के हाथों में जिम्मेदारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक मैचमेकर्स को हर हफ्ते 11 से 14 मुकाबलों की एक फाइट कार्ड तैयार करने होती है। ऐसे में शेल्बी और मेनार्ड की अगुवाई में सभी फैक्टर्स को देखकर कार्ड को तैयार किया जाता है। फाइट तय करने से पहले मैचमेकर्स इन चार मुख्य बातों का ध्यान रखते हैं।

1- रैंकिंग्स: हर हफ्ते एमएमए के मीडिया मेंबर्स के वोटों से यूएफसी की आधिकारिक रैंकिंग बनती है। जिस भी फाइटर की रैंकिंग ज्यादा बेहतर होती है, उसके टाइटल फाइट के लिए ज्यादा चांस होते हैं। मगर यह सिर्फ अकेला पैमाना नहीं होता है।

2- हालिया प्रदर्शन: मैचमेकिंग में फाइटर्स के हालिया प्रदर्शन पर बहुत कुछ निर्भर करता है। लगातार फिनिश (नॉकआउट या सबमिशन) करने वाले और रोमांचक फाइट देने वाले फाइटर्स को मैचमेकर्स तेजी से आगे बढ़ाते हैं।

3- लोकप्रियता और मार्केटिबिलिटी: फाइटर्स की लोकप्रियता अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर और फैंस के बीच बहुत ज्यादा अच्छी है, तो उसके हित में काम करती है। मैचमेकर्स ऐसे फाइटर्स को ज्यादा से ज्यादा अच्छी फाइट देने की कोशिश करते हैं।

4- फाइटिंग स्टाइल: दो स्ट्राइकर्स का मैच देखने में ज्यादा धमाकेदार होता है, जबकि दो रेसलर्स का मैच कभी-कभी धीमा हो जाता है। मैचमेकर्स जानबूझकर अलग-अलग स्टाइल्स (जैसे ग्रैपलर बनाम स्ट्राइकर) का मुकाबला कराते हैं ताकि फैंस को एक रोमांचक फाइट देखने को मिले।

फाइटर्स भी कर सकते हैं चैलेंज

यूएफसी फाइटर्स कभी भी किसी फाइटर को चैलेंज कर सकते हैं। हालांकि, इससे फाइट तय नहीं हो जाती है। यूएफसी के मैचमेकर्स और डेना व्हाइट ही फाइट को लेकर अंतिम फैसला लेते हैं।

अगर उन्हें लगता है कि किसी दो फाइटर्स के बीच मुकाबला होने से कंपनी को मुनाफा होगा और फैंस को भी मजा आएगा तो, यूएफसी उस फाइट को कराने की पूरी कोशिश करती है।

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