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Teqball in Asian Games 2026: फुटबॉल और टेबल टेनिस का रोमांचक मेल, जानें क्या है 'टेकबॉल' जो एशियन गेम्स में करेगा डेब्यू

Published: Thu, 17 Sep 2026 04:59 PM (IST)

जापान के आइची-नागोया में शनिवार, 19 सितंबर से आधिकारिक तौर पर एशियाई खेलों की शुरुआत हो रही है।

टेकबॉल

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संक्षेप में पढ़ें

स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। जापान के आइची-नागोया में शनिवार, 19 सितंबर से आधिकारिक तौर पर एशियाई खेलों की शुरुआत हो रही है। भारत की नजर 2023 हांगझोऊ में हुए पिछले खेलों में जीते गए रिकॉर्ड-तोड़ पदकों (107) की संख्या को और बेहतर करने पर है। इस बार एशियन गेम्‍स में 'टेकबॉल' (Teqball) का डेब्‍यू होने जा रहा है। यह ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के मल्टी-स्पोर्ट प्रोग्राम में शामिल होने वाले सबसे नए खेलों में से एक है।

क्‍या है टेकबॉल

टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिला-जुला रूप है। इस खेल में फुटबॉल और फ्रीस्टाइल स्किल्स का मेल होता है और इसे टेबल टेनिस वाली टेबल के आकार की ही एक घुमावदार टेबल पर खेला जाता है।
टेकबॉल मैच में दो खिलाड़ी (सिंगल्स) या डबल्स में दो जोड़ियां (डबल्स) खास तौर पर डिजाइन की गई इस घुमावदार टेबल के दोनों तरफ खड़े होते हैं। टेबल के बीच में एक उभरा हुआ हिस्सा होता है, जिसके ऊपर से खिलाड़ी एक स्टैंडर्ड साइज की फुटबॉल को वॉली करते हुए विरोधी के पाले में भेजते हैं।

क्‍या है चुनौती

इस खेल की सबसे बड़ी चुनौती इसकी घुमावदार टेबल है। इस सतह के कारण गेंद का उछाल सामान्य फ्लैट टेबल से बिल्कुल अलग और अप्रत्याशित होता है। ऐसे में खिलाड़ियों के पास बेहतरीन फर्स्ट-टच कंट्रोल और उछाल को भांपने की क्षमता होनी चाहिए। यही वजह है कि टेकबॉल मैचों में अक्सर हवा में शानदार कलाबाजियां और जगलिंग वॉली देखने को मिलती हैं।

टेकबॉल के मुख्य नियम

शरीर का इस्तेमाल

खिलाड़ी गेंद को हिट करने के लिए अपने हाथ और बांहों को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका मतलब है कि वे फुटबॉल की तरह ही पैरों, जांघों, छाती, कंधों और सिर का इस्तेमाल करके गेंद को हिट कर सकते हैं।

प्वाइंट कैसे गंवाते हैं

अगर गेंद जमीन को छू ले, खिलाड़ी गलती से हाथों का इस्तेमाल करे, बिना दूसरी तरफ भेजे लगातार दो बार गेंद को छू ले या गेंद को टेबल के बाहर मार दे तो विपक्षी टीम को अंक मिल जाता है।

सर्विंग नियम

मुकाबले को निष्पक्ष रखने के लिए टेबल टेनिस की ही तरह हर दो पॉइंट के बाद सर्विस बदलती है।

स्कोरिंग और मैच का फॉर्मेट

टेकबॉल के मुकाबले 'बेस्ट-ऑफ-थ्री' सेट के आधार पर खेले जाते हैं। जो टीम या खिलाड़ी सबसे पहले 12 अंक हासिल करता है, वह सेट जीत जाता है। अगर स्कोर 11-11 की बराबरी पर आ जाए तो जीत के लिए लगातार दो अंकों की बढ़त बनाना अनिवार्य होता है। यदि दोनों टीमें 1-1 सेट जीत लेती हैं, तो विजेता का फैसला तीसरे और निर्णायक सेट से होता है।

टेकबॉल का इतिहास

2014 में हंगरी में शुरू हुआ टेकबॉल एक नया खेल है। इस खेल को फुटबॉल के शौकीनों के एक ग्रुप ने बनाया था। इसमें कुछ पुराने प्रोफेशनल खिलाड़ी भी शामिल थे। वे अपनी बॉल-कंट्रोल स्किल्स को बेहतर बनाने का कोई तरीका ढूंढना चाहते थे।
तब से इंटरनेशनल टेकबॉल फेडरेशन (FITEQ) के तहत यह खेल तेजी से बढ़ा है और यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका और अब एशिया में भी लोकप्रिय हो रहा है। एशियाई महाद्वीप में इसका विस्तार बहुत तेजी से हुआ है।
चीन में होने वाले एशियन बीच गेम्स में शामिल होने से पहले ही टेकबॉल बहरीन में इस साल हुए एशियन यूथ गेम्स और थाईलैंड में हुए साउथ-ईस्ट एशियन गेम्स में मेडल वाला खेल बन चुका था।

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