'US Ambassy के कारण भारत को हुआ गोल्ड मेडल का नुकसान', WFI अध्यक्ष संजय सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
यूएस एंबेसी ने 9 भारतीय पहलवानों के वीजास रिजेक्ट कर दिए, जिसके बाद रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजय सिंह भड़क गए।
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WFI अध्यक्ष ने यूएस एंबेसी पर लगाया आरोप

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के लास वेगस में चल रहे अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत के ज्यादा से ज्यादा गोल्ड जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। यूएस एंबेसी ने भारत के 9 पहलवानों के वीजास रिजेक्ट कर दिए हैं।
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष संजय सिंह ने भारत को मेडल नुकसान होने के पीछे यूएस एंबेसी को कारण बताया है। उनका कहना है कि यूएस एंबेसी ने पहलवानों को 20 की उम्र से कम और बेरोजगार होने का हवाला देते हुए वीजा रिजेक्ट किया।
WFI अध्यक्ष का फूटा यूएस एंबेसी पर गुस्सा
यूएस एंबेसी ने 9 पहलवानों का वीजा रिजेक्ट किया। इस बात की जानकारी WFI के अध्यक्ष ने आईएएनएस से बात करते हुए दी। उन्होंने कहा, "यूएस एंबेसी ने बेरोजगारी का हवाला देते हुए 9 भारतीय पहलवानों के वीजास रिजेक्ट कर दिए हैं। यह इतिहास में पहली बार हुआ है। यहां तक कि UWW के अध्यक्ष ने भी इस मामले को लेकर यूएस एंबेसी को लिखा है।"
संजय ने आगे कहा, "वीजा का न मिलना पूरी तरह से यूएस एंबेसी की गलती है, जिसकी वजह से भारत के गोल्ड मेडल जीतने को झटका लगा है। उन 9 पहलवानों में से कम से कम दो गोल्ड मेडल जीतने के प्रबल दावेदार थे। यूएस एंबेसी की वजह से भारत को मेडल का नुकसान हुआ है।"
ग्रेको-रोमन और महिला पहलवानों को हुई दिक्कत
मेंस फ्रीस्टाइल के सभी 10 सदस्यों को लास वेगस जाने का परमिशन मिल गया था। मगर ग्रेको-रोमन और महिला पहलवानों को वीजा की दिक्कतें आई, जिसकी वजह से 9 खिलाड़ी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए।
वर्ल्ड रेसिलिंग चैंपियनशिप की शुरुआत 12 से 14 अक्टूबर को ग्रेको-रोमन के साथ शुरुआत हुई। इसके बाद 14 से 16 अक्टूबर तक महिलाओं की कुश्ती देखने को मिलेगी, जबकि 16 से 18 अक्टूबर को पुरुषों की फ्रीस्टाइल रेसलिंग प्रतियोगिता होगी।
विश्वजीत मोरे ने रचा इतिहास
भारत की इन समस्याओं के बीच विश्वजीत मोरे ने इतिहास रच दिया। विश्वजीत ने 55 किलो वर्ग ग्रेको-रोमन के फाइनल में पहुंच गए। वो अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप के ग्रेको-रोमन के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने हैं।
