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Asian Games 2026: 10 दिन पहले अस्पताल में थीं भर्ती, 5 दिन तक नहीं खाया खाना; फिर भी नीरू ढांडा ने बंदूक थाम हिला दी रिकॉर्ड बुक

Published: Tue, 29 Sep 2026 03:01 PM (IST)

भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता।

नीरू ढांडा ने रचा इतिहास

नीरू ढांडा ने रचा इतिहास

HighLights

  1. नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स 2026 में व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड जीता

  2. बीमारी से उबरकर बनीं पहली भारतीय महिला व्यक्तिगत ट्रैप स्वर्ण विजेता

  3. यह मेडल भारतीय सेना और दिवंगत राजा रणधीर सिंह को समर्पित

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाज नीरू ढांडा ने मंगलवार को एशियन गेम्स-2026 में इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ वह भारत की पहली महिला बन गई हैं जिन्होंने एशियन गेम्स में इस इवेंट में व्यक्तिगत गोल्ड जीता है। नीरू ने यह कमाल कर तो दिया, लेकिन 10 दिन पहले वह शायद ही इसके बारे में सोच पा रही थीं।

26 साल की नीरू 10 दिन पहले बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थीं। वह इस बात को लेकर ही अनिश्चित थीं कि इवेंट में हिस्सा ले पाएंगी या नहीं? लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। नीरू ठीक हुईं और इतिहास भी रच दिया।

कोच ने बढ़ाई हिम्मत

बीमारी से जूझ रहीं नीरू में उनके कोच मानशेर सिंह ने नई जान फूंकी। मेडल जीतने के बाद नीरू अपने कोच को श्रेय देना नहीं भूलीं। इसके साथ ही उन्होंन अपने मेडल को भारतीय सेना और दिवंगत राजा रणधीर सिंह को समर्पित किया है। रणधीर सिंह ने 1978 में ट्रैप इवेंट में भारत को पहला गोल्ड दिलाया था।

नीरू ने कहा, "मानशेर सर ने मुझसे कहा था कि जो हुआ उसे भूल जाओ और अपने टारगेट पर फोकस करो। मैं इस मेडल को भारतीय सेना को समर्पित करती हूं जो हमारे देश को सुरक्षित रखने का बड़ा काम करते हैं। साथ ही दिवंगत राजा रणधीर सिंह को भी जिन्होंने 1978 में ट्रैप इवेंट में पहला गोल्ड जीता था।"

भोपाल में थी भर्ती

कॉम्पटीशन के शुरू होने से 10 दिन पहले नीरू भोपाल के अस्पताल में भर्ती थीं। उन्हें बुखार था और एच1एन1 संक्रमण की संभावना भी थी। वह पांच दिन तक खाना नहीं खा पाई थीं। उनका हिस्सा लेना और उनकी फॉर्म पर अनिश्चित्ता के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन हरियाणा के जींद की रहने वाली इस शूटर ने ट्रेनिंग पर वापसी की और शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड जीत इतिहास रचा।

नीरू जींद जिले के संगतपुरा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता सुरेश किसान हैं। खेल कोटे पर कुछ माह पहले ही नीरू का आर्मी में चयन हुआ है। वह नायब सूबेदार के पद पर हैं। यह साल नीरू के लिए काफी अच्छा रहा। जुलाई में इटली में खेले गए वर्ल्ड कप में ट्रैप शूटिंग में नीरू ने गोल्ड मेडल जीता था। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला शूटर बनी थीं।

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