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'परिवार से किया वादा हुआ पूरा...', एशियाई खेलों में गोल्ड लाने वाली हरियाणवी नीरू क्या बोलीं? गांव में जश्न का माहौल

Published: Tue, 29 Sep 2026 02:56 PM (IST)

जींद की नीरू ढांडा ने जापान में 20वें एशियाई खेलों में महिला ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा, साथ ही नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया।

नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल।

नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल।

HighLights

  1. नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में महिला ट्रैप शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता

  2. उन्होंने 28/30 निशाने लगाकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया, रचा इतिहास

  3. डेंगू से उबरकर बनीं पहली भारतीय महिला व्यक्तिगत ट्रैप पदक विजेता

जागरण संवाददाता, जींद। जींद जिले के गांव संगतपुरा की बेटी नीरू ढांडा ने जापान में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में महिला ट्रैप शूटिंग की व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।

नीरू ने फाइनल में 30 में से 28 सटीक निशाने लगाए और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले एशियाई रिकॉर्ड 24 का था। इस जीत के साथ वह एशियाई खेलों में ट्रैप या स्कीट में व्यक्तिगत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गई हैं। क्वालिफिकेशन में भी नीरू ने 118 अंकों के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए टाप किया था।

दिन सुबह नीरू ने टीम इवेंट में भी भारत को सिल्वर दिलाया। नीरू (118), आशिमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की तिकड़ी ने कुल 328 अंक के साथ रजत पदक जीता। भारत का यह इन खेलों में पांचवां गोल्ड है। गोल्ड मेडल जीतने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। पिता सुरेश व मां सुदेश ने कहा परिवार का सपना है, बेटी ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीते। घर आने पर बेटी को देशी टिंडी घी और चूरमा खिलाकर स्वागत करेंगे।

नीरु ढांडा के पास अपनी राइफल नहीं थी। दूसरे की राइफल से निशाना बांधना सीखा। परिवार की स्थिति कमजोर होने के कारण मामा सोमबीर पहलवान ने परिवार का साथ दिया। मां सुदेश ने बताया कि नीरू को जापान एशियन गेम्स में जाने से पहले डेंगू भी हो गया था। इस दौरान वह एक सप्ताह तक दिल्ली अस्पताल में एडमिट भी रही थी। उसे 18 सितंबर को जापान जाना था, लेकिन बीमार होने के कारण वह 21 सितंबर को एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए गई।

पहले कबड्डी में रुचि थी, कामयाबी नहीं मिलने पर निशानेबाजी की ओर किया रुख

नीरु ढांडा की पहले कबड्डी के खेल में रूचि थी, लेकिन कामयाबी नहीं मिलने के कारण निशानेबाजी को चुना। गांव में ही पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाई कि उसके बाद केवीएस विश्वविद्यालय में 10 वी तक पढ़ाई की। साथ में निशाने बाजी में भी रुचि बनाकर रखी।

10वीं कक्षा करने के बाद भोपाल निशाने बाज की अकेडमी में अपनी शुरुआत की और लगातार अपनी मेहनत को जारी रखा और अपनी प्रतिभा से मेडल जीते

परिवार को कहा था कि जीतेगी गोल्ड

21 सितंबर को नीरु ढांडा जापान में चल रहे गेम्स में भाग लिया और निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीता। 28 सितंबर को परिवार के साथ बात हुई थी। उस दौरान माता पिता से कहा था कि 29 सितंबर को उसका फाइनल मुकाबाला है, जिसमें वह पक्का गोल्ड मेडल जीतेगी। पिता ने कहा नीरु को टिंडी घी पसंद और देसी घी का चूरमा पसंद है। परिवार के पास सिर्फ तीन एकड़ है और वह खेती बाड़ी का काम करता है।

नीरु ढांडा का जन्म 25 मई 2000 में गांव संगतपुरा में हुआ था। परिवार एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार है। पिता सुरेश कुमार पेशे से किसान हैं और माता सुदेश गृहणी है। जबकि छोटा भाई दीपक पढ़ाई कर रहा है। नीरू के मामा के बेटे लक्षय श्योराण* ने 2018 एशियाई खेलों में ट्रैप में सिल्वर जीता था। उन्हीं को देखकर नीरू में शूटिंग का जुनून जगा। स्वजनों ने बताया कि घर में रखी लाइसेंसी दुनाली बंदूक से टीन के डिब्बों पर निशाना लगाकर अभ्यास शुरू किया। बाद में भाई लक्षय से ही ट्रेनिंग ली।

प्रोफेशनल ट्रेनिंग 2019 में मध्य प्रदेश स्टेट शूटिंग अकादमी में चयन हुआ। फिर भारतीय सेना में भर्ती हुई। वर्तमान में भारतीय सेना में नायब सूबेदार और महू (इंदौर) स्थित आर्मी मार्क यूनिट में ट्रेनिंग पर रहै। नीरु ने आइएसएसएफ शाटगन विश्व कप 2026 लोनाटो (इटली) में गोल्ड जीता। ट्रैप में वर्ल्ड कप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी।

आइएसएसएफ विश्व कप 2026 अल्माटी कांस्य (मिक्स्ड टीम) जीता। एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप 2025, शिमकेंट में गोल्ड (व्यक्तिगत और टीम) जीता। नेशनल गेम्स 2022 में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 1978 में रणधीर सिंह के बाद ट्रैप में भारत का यह पहला व्यक्तिगत एशियाई गोल्ड है।