Asian Games 2026: मुक्केबाजी में भारत का धमाल! नरेंद्र ने जीता ब्रॉन्ज, परवीन और अंकुश से गोल्डन पंच की उम्मीद
आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। नरेंद्र बेरवाल ने ब्रॉन्ज मेडल ...और पढ़ें

परवीन और अंकुश ने फाइनल में बनाई जगह

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाजों ने बीते कुछ सालों में हर बड़े टूर्नामेंट में अपना जलवा दिखाया है और मेडल जीते हैं। आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स-2026 में भी भारतीय मुक्केबाजों के हिस्से मेडल आए हैं। मंगलवार को भारत के तीन मुक्केबाज रिंग में उतरे थे जिनमें से दो ने फाइनल में जगह बना ली है तो वहीं एक को ब्रॉन्ज मेडल मिला है।
भारत के दो पुरुष मुक्केबाज और एक महिला खिलाड़ी ने रिंग में अपना दम दिखाया। पुरुषों के 90 किलोग्राम भारवर्ग से ज्यादा के सेमीफाइनल में नरेंद्र बेरवाल को हार का सामना करना पड़ा और इसी के साथ वह ब्रॉन्ज ही जीत पाए, लेकिन अंकुश पंघाल और महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने फाइनल में जगह बना ली है।
दो गोल्ड की उम्मीद
परवीन और अंकुश के फाइनल में जाने से भारत को दो गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद है। महिलाओं के 65 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में परवीन ने चीन की शू ली को मात देकर फाइनल का टिकट कटाया। वहीं अंकुश ने 80 किलोग्राम भारवर्ग के मुकाबले में उज्बेकिस्तान के फादिलउद्दीन इरकिनबोएव को हराकर फाइनल में कदम रखा।
अंकुश के सामने जो मुक्केबाज थे वह 75 किलोग्राम में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन है। ऐसे में इस खिलाड़ी की जीत काफी अहम और बड़ी है। अंकुश ने ये मैच 4-1 से जीता। पहले राउंडके बाद वह 1-4 से पीछे थे, लेकिन अगले राउंड में उन्होंने वापसी की और ये राउंड 3-2 से अपने नाम किया। तीसरे राउंड में तो अंकुश ने अपने विरोधी को मौका नहीं दिया और ये राउंड 5-0 से अपने नाम किया। अंकुश इसी के साथ साल 2018 के बाद एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बन गए हैं। उनसे पहले अमित पंघाल ने ये काम किया था।
वहीं परवीन ने एकतरफा मुकाबले में मैच अपने नाम किया। उन्होंने चीन की खिलाड़ी को 5-0 से मात दी। पहले राउंड में जरूर परवीन को परेशानी हुई और शू ने उन्हें टक्कर दी। लेकिन परवीन ने पहले राउंड के बाद चीन की खिलाड़ी के खेल को समझा और अगले दो राउंड में उनको बिल्कुल भी मौका नहीं दिया। इसी के साथ परवीन एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की तीसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 में गोल्ड जीता था और लवलीना बोरगोहेन ने पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर अपने नाम किया था।
नरेंद्र की हार
नरेंद्र से भी उम्मीद थी कि वह परवीन और अंकुश की तरह फाइनल में जगह बनाएंगे, लेकिन कजाकिस्तान के आइबेक ओरलबे ने उनको ऐसा करने नहीं दिया। आइबेक ने नरेंद्र को 5-0 के अंतर से मात दी। तीनों राउंड में आइबेक ने अपने पंचों से नरेंद्र को ज्यादा मौके नहीं दिए। तीनों राउंड में वह नरेंद्र पर हावी रहे और फाइनल में पहुंचे। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल हारने वाले को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है और इसी कारण नरेंद्र के हिस्से भी मेडल आया। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार वह मेडल का रंग नहीं बदल पाए।
