UFC फाइटर कैसे बनते हैं? जानिए दुनिया के सबसे बड़े MMA मंच तक पहुंचने का पूरा रास्ता
यूएफसी तक पहुंचने के लिए मुख्य रूप से तीन रास्ते हैं।
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इस्लाम मखाचेव और अंशुल जुबली

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) का इस समय युवाओं के बीच जबरदस्त क्रेज है। यूएफसी वो संस्था है, जो फाइटर्स के बीच मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइट कराती है। फाइटर्स ऐसी जगह पहुंचने के लिए जिंदगी भर संघर्ष करते हैं, जहां उन्हें पैसा और सम्मान दोनों मिले। यूएफसी फाइटर्स के लिए ऐसा ही मंच है।
हर मार्शल आर्टिस्ट का यूएफसी तक पहुंचने का सपना होता है,क्योंकि यूएफसी अपने फाइटर्स को शोहरत और कई तरह के फायदे देता है। मगर यूएफसी में जगह बनाना कोई आसान काम नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए काबिल बनने कई साल लग जाते हैं।
यूएफसी फाइटर बनने के लिए क्या करना होगा?
यूएफसी फाइट में अलग-अलग मार्शल आर्ट्स बैकग्राउंड वाले फ़ाइटर्स फ़ुल-कॉन्टैक्ट मुकाबला करते हैं और कई तरह के फ़ाइटिंग स्टाइल, तकनीक और मार्शल आर्ट्स स्किल्स का प्रदर्शन कर एक-दूसरे को नॉकआउट, सबमिशन या फिर जजेस के स्कोर के जरिए हराने का प्रयास करते हैं।
यूएफसी तक पहुंचने के लिए फाइटर्स को एमएमए की ट्रेनिंग शुरू करनी होती है। अलग-अलग स्किल्स सीखने होते हैं, जिसमें बॉक्सिंग, मुए थाई, कुश्ती, ब्राजीलियन ज्यू जित्सु, किकबॉक्सिंग जैसी कलाएं शामिल हैं। इन सभी स्किल्स में माहिर होने के बाद फाइटर्स लोकल स्तर पर बिना पैसों वाली एमेच्योर फाइट लड़कर अनुभव हासिल करते हैं।
एमेच्योर स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन के बाद फाइटर प्रोफेशनल तौर पर लाइसेंस लेकर लड़ना शुरू करते हैं और अपना रिकॉर्ड बेहतर करते हैं। भारत में मैट्रिक्स फाइट नाइट (MFN) या अन्य क्षेत्रीय प्रमोशन में हिस्सा लेकर अपनी पहचान बनायी जा सकती है। अगर आप अपनी पहचान और रिकॉर्ड को शानदार कर लेते हैं तो, यूएफसी में पहुंचना आसान हो जाता है।
यूएफसी में जाने के हैं तीन रास्ते
यूएफसी तक पहुंचने के मुख्य रूप से कुल तीन रास्ते हैं। हालांकि, यह ध्यान देना जरुरी है कि इन तीन रास्तो तक आप तभी पहुंच सकते हैं, जब आपका फाइटिंग रिकॉर्ड बेहतरीन रहा हो।
1- रोड टू यूएफसी- एशियाई एमएमए फाइटर्स के लिए यह टूर्नामेंट बनाया गया है। ये एक नॉकआउट टूर्नामेंट होता है, जो भी यह जीत जाता है, उसे यूएफसी का कॉन्ट्रैक्ट मिलता है। भारत से अंशुल जुबली इस टूर्नामेंट को जीतकर कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर चुके हैं।
2- द अल्टिमेट फाइटर- यह एक यूएफसी द्वारा कराए जाने वाले रियालिटी शो है, जहां युवा और अनुभवी दोनों एमएमए फाइटर्स एक साथ रहते हैं। इन सभी फाइटर्स को बाहरी दुनिया से दूर लास वेगस के एक घर में रखा जाता है।
इन सभी फाइटर्स के बीच सिंगल-एलिमिनेशन टूर्नामेंट कराया जाता है। इस टूर्नामेंट के विजेता फाइटर को यूएफसी का कॉन्ट्रैक्ट मिलता है।
3- डेना व्हाइट कंटेंडर सीरीज- यह भी एक शो है,जिसमें उभरते हुए और कभी न हारने वाले एमएमए फाइटर्स हर एपिसोड में पांच बड़े और तीन-राउंड वाले मुकाबलों में हिस्सा लेते हैं। फाइटर्स, यूएफसी के साथ जिंदगी बदलने वाला प्रमोशनल कॉन्ट्रैक्ट पाने के मौके के लिए सीधे डेना व्हाइट और यूएफसी मैचमेकर्स के सामने मुकाबला करते हैं।
हर रात के मुकाबलों के बाद, डेना तय करते हैं कि किन जीतने वाले (और कभी-कभी हारने वाले) फाइटर्स ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया है कि उन्हें आधिकारिक UFC कॉन्ट्रैक्ट दिया जा सके। ये तीन ही मुख्य रास्ते हैं, जिससे कोई फाइटर्स यूएफसी कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर सकता है। हालांकि, अगर आपके अंदर क्षमता और पॉपुलारिटी है तो, डायरेक्ट एंट्री भी मिल सकती है।
