Para Asian Games: निषाद कुमार ने दो गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, खास लिस्ट में बनाई जगह
निषाद कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता, जिससे वह एशियाई ...और पढ़ें

निषाद कुमार

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पीटीआई, नागोया। निषाद कुमार ने मंगलवार को पुरुषों की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में नए रिकार्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया जिससे वह किसी एक एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए। उन्होंने सोमवार को लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
निषाद ने ऊंची कूद में 2.04 मीटर से अधिक की दूरी तय करके खेलों का नया रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। निषाद से पहले अंकुर धामा (पुरुषों की 5000 मीटर टी11 और 1500 मीटर टी11) और भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी (महिलाओं की व्यक्तिगत कंपाउंड ओपन और मिश्रित टीम कंपाउंड ओपन) ने चीन के हांगझू में पिछले एशियाई पैरा खेलो में दो-दो स्वर्ण पदक जीते थे। टी47 श्रेणी ऊपरी अंगों की अक्षमता वाले एथलीटों के लिए है। निषाद का दाहिना हाथ उस समय कट गया था जब वह महज छह साल के थे।
भाला फेंक में प्रदीप को रजत, आयुष को कांस्य
भारत के प्रदीप कुमार ने एशियाई पैरा खेलों में पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा में एफ53/54 श्रेणी में लगातार दूसरा रजत पदक जीता जबकि आयुष वर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया। प्रदीप ने एफ54 में 27.45 मीटर का सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। आयुष ने एफ53 वर्ग में कांस्य पदक जीता।
एफ 53 एथलीटों की बाजुओं और हाथों में आमतौर पर पूरी कार्यक्षमता होती है लेकिन उनके पेट की मांसपेशियों और रीढ़ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में कोई गतिविधि नहीं होती जिसके कारण वे बिना सहारे के बैठ नहीं पाते। एफ 54 एथलीटों की बाजुओं की मांसपेशियां पूरी तरह से ताकतवर होती हैं और धड़ की मांसपेशियों में भी आंशिक से लेकर पूरी ताकत होती है हालांकि धड़ के बीच के हिस्से और पैरों की मूवमेंट काफी हद तक प्रभावित रहती है।
