Sports Budget 2026: खिलाड़ियों को कैसे होगा फायदा? निर्मला सीतारमण ने 'Khelo India Mission' के लिए खोली तिजोरी
Sports Budget 2026 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में 'खेलो इंडिया मिशन' की घोषणा की है, जिसका ...और पढ़ें

Sports Budget 2026 Highlights: खेलों को बजट से क्या मिला?
HighLights
निर्मला सीतारमण ने खेलो इंडिया मिशन किया लॉन्च
खेलो इंडिया को मिलेंगे 924.3 करोड़ रुपये
खेल में 10 सालों के लिए सरकार ने खास प्लान बनाया
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में भारतीय खिलाड़ियों और फैंस को एक बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने 'खेलो इंडिया मिशन' शुरू करने का फैसला किया है, जो अगले 10 सालों के लिए एक खास प्लान होगा। इस मिशन का मकसद भारत को दुनिया के टॉप खेल देशों की कतार में खड़ा करना और युवाओं के लिए खेल के जरिए रोजगार के नए मौके पैदा करना है।
Sports Budget 2026: ‘खेलो इंडिया मिशन’ लॉन्च
दरअसल, निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने संबोधन में घोषणा की। उन्होंने कहा,
खेलो इंडिया मिशन के जरिए से शुरू की गई खेल प्रतिभाओं के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में खेल क्षेत्र को बदलने के लिए एक खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।
निर्मला सीतारमण
खेल बजट में 33 प्रतिशत बढ़ोतरी
सरकार ने जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजना खेलो इंडिया के लिए बजट में बड़ी बढ़ोतरी की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में खेल मंत्रालय को कुल 4479.8 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें से खेलो इंडिया को 924.5 करोड़ रुपये मिलेंगे। ये पिछले वित्तीय वर्ष के संशोधित आवंटन 3,442.32 करोड़ रुपये से 1133.34 करोड़ रुपये ज्यादा है।
कोच और सपोर्ट स्टाफ के विकास पर भी फोकस
सरकार खेलो इंडिया मिशन के जरिए कोचों और सपोर्ट स्टाफ के विकास पर भी फोकस करेगी। इसमें कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, ट्रेनर, स्पोर्ट्स, साइकोलॉजिस्ट और अन्य तकनीकि विशेषज्ञ शामिल होंगे।
इसके अलावा सरकार चाहती है कि भारत दुनिया का एक ऐसा केंद्र बने जहां खेल का सामान (जैसे बैट, बॉल, जूते, मशीनें) न केवल बेहतरीन क्वालिटी का हो, बल्कि किफायती भी हो। "मेक इन इंडिया" अभियान के तहत एक नई योजना शुरू की जा रही है। इसका फोकस दो चीजों पर है। पहला- मैन्युफैक्चरिंग और दूसरा मटेरियल साइंस।
भारत में लगभग 200 ऐसे पुराने औद्योगिक इलाके हैं जो सालों से खेल का सामान बना रहे हैं। सरकार इन इलाकों को आधुनिक मशीनों और नई टेक्नोलॉजी से अपडेट करेगी ताकि वे दुनिया के अन्य देशों से मुकाबला कर सकें और कम लागत में ज्यादा उत्पादन कर सकें। आपको बता दें कि ये सब साल 2030 में भारत 100वें कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। 2036 में भारत ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दावेदारी पेश कर रहा है।
खेलो इंडिया Vs खेलो इंडिया मिशन?
Khelo India का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को खोजना था, वहीं, खेलो इंडिया मिशन खेल को एक करियर और बिजनेस बनाने पर केंद्रित है।
खेल बजट 2026: प्रमुख खेल पॉलिसी
खेलो इंडिया- 924.35 करोड़ रुपये
SAI( स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया)-917 करोड़ रुपये
मेरा युवा भारत- 655.22 करोड़ रुपये
कॉमनवेल्थ गेम्स- 50 करोड़ रुपये
स्पोर्ट्स एंड यूथ सर्विस- 4063.7 करोड़ रुपये
