एशियाई पैरा खेलों से पहले भड़के निशानेबाज, बीच इवेंट में मचा दिया बवाल; बैकफुट पर पीसीआई
भारतीय दल के विदाई समारोह में पैरा निशानेबाजों ने एशियाई पैरा खेलों की चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते ...और पढ़ें
HighLights
एशियाई पैरा खेलों के लिए भारतीय दल के विदाई समारोह में बवाल
पैरा निशानेबाजों ने चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए
पीसीआई अध्यक्ष झाझरिया ने आरोपों को खारिज किया, जांच की मांग
पीटीआई, नई दिल्ली: आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों के लिए भारतीय दल के विदाई समारोह में उस वक्त काफी बवाल हो गया, जब चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप में कई पैरा निशानेबाजों ने आयोजन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने भारतीय पैरालिंपिक समिति (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। झाझरिया और अधिकारियों ने उन्हें प्रदर्शन बंद करने के लिए मनाने की काफी कोशिश की। हालांकि निशानेबाजों ने प्रदर्शन जारी रखा और नारेबाजी की।
खारिज किए आरोप
पीसीआई ने निशानेबाजों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले पैरा एशियाई खेलों में टीम का चयन पारदर्शी तरीके से प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। पैरा निशानेबाज संदीप कुमार और आकाश ने प्रदर्शन की अगुआई की और रैंकिंग तथा प्रदर्शन के बावजूद चयन नहीं होने पर सवाल उठाए। संदीप एशिया में तीसरी रैंकिंग पर हैं, जबकि आकाश शीर्ष रैंकिंग वाले निशानेबाज हैं।
उन्होंने रूद्रांक्ष खंडेलवाल के चयन पर सवाल उठाए और कहा कि वह एशियाई रैंकिंग में 14वें स्थान पर हैं। भारत के मुख्य कोच सत्यनारायण ने भी खिलाड़ियों से बात की और प्रदर्शन बंद करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। खेलमंत्री मनसुख मांडविया भी विदाई समारोह में उपस्थित थे।
आकाश ने लगाए ये आरोप
आकाश ने आरोप लगाया कि उनका चयन इसलिए नहीं किया गया क्योंकि उन्होंने निशानेबाजी कोच जय प्रकाश नौटियाल को अपना कोच नहीं बताया। वहीं पी4 50 मीटर फ्री पिस्टल एसएच1 निशानेबाज संदीप ने कहा कि अपने प्रमाण पत्र दिखाने के बावजूद झाझरिया से उन्होंने कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि राहुल स्वामी और एक भी निशानेबाजी मैच नहीं खेलने वाले विवेक सैनी को विशेषज्ञ बना दिया गया है जो लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने नौटियाल पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित करने की एवज में वह सरकार द्वारा दिए जाने वाले नकद पुरस्कारों में 50 प्रतिशत कमीशन मांगते हैं। निशानेबाजों ने बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक को भी ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
खिलाड़ियों की चिंताओं का हल होगा
झाझरिया ने जापान में होने वाले आगामी एशियाई पैरा खेलों की चयन प्रक्रिया का को बचाव करते हुए कहा कि पीसीआई, खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा निर्धारित सभी मानदंडों का पालन किया गया है। हालांकि उन्होंने विरोध कर रहे खिलाड़ियों की ओर से उठाई गई चिंताओं के समाधान की संभावना से इन्कार नहीं किया। झाझरिया ने कहा कि सभी खेलों में चयन प्रक्रिया पारदर्शी रही है और खिलाड़ियों के हित पीसीआई की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
झाझरिया ने कहा कि चाहे एथलेटिक्स हो, साइकिलिंग, तैराकी या निशानेबाजी, हमने सुनिश्चित किया है कि चयन के सभी मानदंड पूरे किए जाएं।
यह भी पढ़ें- पैरालिंपियन अमित सरोहा ने फिर जीता दिल, अपने कोच और एस्कॉर्ट को दिए 15-15 लाख रुपये
यह भी पढ़ें- जापान में आयोजित पैरा एशियन गेम्स का भारत की तरफ से प्रतिनिधित्व करेंगी काशी की सुमेधा
