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Asian Para Games: पोडियम पर तिरंगे का परचम, शॉट पुट में सचिन को गोल्ड; यासिर-प्रवीण का सिल्वर और ब्रॉन्ज पर कब्जा

Published: Wed, 21 Oct 2026 12:05 PM (IST)

एशियन पैरा गेम्स 2026 के पुरुष एफ46 के शॉट पुट इवेंट में भारत ने तीनों ही मेडल पर कब्जा जमा ...और पढ़ें

सचिन खिलारी

सचिन खिलारी

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स में बुधवार को शॉट पुट एफ46 के पुरुष फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला। भारत ने पूरी तरह पोडियम पर कब्जा जमा लिया। सचिन खिलारी ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

सचिन के अलावा, मोहम्मद यासिर ने सिल्वर और प्रवीण ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सचिन ने इस दौरान शॉट पुट में अपने थ्रो से पैरा गेम्स रिकॉर्ड बना दिया।

सचिन ने बनाया पैरा गेम्स रिकॉर्ड

सचिन के सारे थ्रो 15 मीटर से ज्यादा दूर गए। इस दौरान उनका बेस्ट 15.87 मीटर रहा। सचिन ने इसी के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड भी बना दिया। सचिन ने गोल्ड मेडल वाला थ्रो अपने आखिरी प्रयास में फेंका और इतिहास रच दिया।

सचिन के साथी यासिर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर दूर फेंक सिल्वर मेडल पर कब्जा जमा लिया, जबकि प्रवीण 14.94 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे नंबर पर रहे और ब्रॉन्ज मेडल जीता।

सचिन का जैवलिन से शॉट पुट तक का सफर

महाराष्ट्र से आने वाले सचिन को फिटनेस के दौरान कोच अरविंद चावन ने देखा था। शुरुआत में उन्होंने सचिन को डिसकस थ्रो और जैवलिनमें ट्रेन किया। इसके बाद साल 2012 ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी स्टेट चैंपियनशिप में सचिन ने गोल्ड जीता था।

सचिन ने फिर साल 2017 में जयपुर में पैरा नेशनल्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मगर नेशनल चैंपियन के बाद कंधे में आने चोट की वजह से उन्होंने खेल छोड़ने का सोचा था। ऐसे में नेशनल कोच सत्य नारायण ने उन्हें शॉट पुट में खेलने की सलाह दी।

सचिन ने इसके बाद अब शॉट पुट में कमाल कर दिखाया है। उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है।

एफ46 कैटेगरी क्या है?

एफ46 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए होती है जिनके एक हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे से कटाव हो, या हाथ में कोई वैसी ही दिव्यांगता हो।

ये खिलाड़ी खड़े होकर ही मुकाबला करते हैं और थ्रो (जैसे भाला या गोला) करते समय ताकत के लिए अपनी कमर और पैरों के जोर का इस्तेमाल करते हैं।

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