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Exclusive: न्यूजीलैंड में किस भारतीय बल्लेबाज का बल्ला उगलेगा आग? सुनील गावस्कर ने बताया नाम

Published: Wed, 21 Oct 2026 07:00 AM (IST)

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय बल्लेबाजों को स्विंग और सीम से निपटने के लिए गेंद को देर से खेलने की सलाह दी है।

सुनील गावस्कर

सुनील गावस्कर

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नितिन नागर, जागरण, नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि न्यूजीलैंड में स्विंग व सीम की चुनौती से निपटने के लिए बल्लेबाजों को गेंद को जितना हो सके, देर से खेलना चाहिए। न्यूजीलैंड दौरे पर गावस्कर ने यशस्वी, शुभमन और देवदत्त से बड़ी पारियों की उम्मीद जताई है। न्यूजीलैंड दौरे को लेकर सुनील गावस्कर से नितिन नागर ने विशेष बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश:-

पिछली बार न्यूजीलैंड में भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। क्या इस बार बेहतर नतीजे की उम्मीद है। डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए दोनों टेस्ट जीतना कितना जरूरी होगा?

भारतीय टीम के पास इस बार एक फायदा है कि अधिकांश खिलाड़ी टेस्ट से पहले ही वनडे और टी-20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड में मौजूद रहेंगे। इससे उन्हें वहां के समय के अनुसार अपनी दिनचर्या और नींद का चक्र ढालने में मदद मिलेगी। न्यूजीलैंड में शरीर को समय के अंतर के अनुकूल बनाने में काफी वक्त लगता है। हालांकि, वहां की पिचों पर घास होगी और मौसम भी ठंडा रह सकता है। गेंद हवा में स्विंग करेगी और पिच से टकराने के बाद भी मूवमेंट मिलेगा। बल्लेबाजी आसान नहीं होगी, लेकिन एक बार जमने के बाद इन पिचों पर बड़े रन भी बनाए जा सकते हैं। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की मौजूदगी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में भी दम है। थोड़ा भाग्य साथ दे तो भारत अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।

क्या वनडे और टी-20 में विशेषज्ञ ऑफ स्पिनर की कमी भारत को खलेगी?

टीम में ऑफ स्पिनर होना अनिवार्य नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि बाकी गेंदबाज अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उसे जरूरत पड़ने पर विकेट लेने हों या रन रोकने हों, वह परिस्थिति के अनुसार गेंदबाजी करे। हालांकि, हरभजन सिंह और रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद उस स्तर का ऑफ स्पिनर देखने को नहीं मिला है। दोनों सपाट पिचों पर भी अपनी फ्लाइट और गेंद को छिपाने की कला से विकेट लेते थे। घरेलू क्रिकेट में अगर कोई अच्छा ऑफ स्पिनर सामने आता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा होगा।

स्विंग और सीम से निपटने के लिए भारतीय बल्लेबाजों को किस तरह तैयारी करनी चाहिए?

बल्लेबाजों को गेंद को जितना संभव हो सके, उतना देर से खेलना चाहिए। इससे पिच से मिलने वाली आखिरी समय की मूवमेंट का सामना करने का बेहतर अवसर मिलता है। गेंदबाज के हाथ से निकलने के बाद हवा में गेंद की दिशा को देखकर बल्लेबाज अपने पैरों की गति में बदलाव कर सकता है, लेकिन गेंद पिच से टकराने के बाद जो हलचल होती है, उसके लिए बहुत कम समय मिलता है। इसलिए गेंद की ओर हाथ बढ़ाकर खेलने से बचना होगा। डिफेंस शॉट खेलते समय हाथ नरम रखने चाहिए और गेंद को शरीर के करीब रहकर खेलना चाहिए। यही तकनीक इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी परिस्थितियों में उपयोगी साबित होती है।

क्या लगातार व्यस्त कार्यक्रम खिलाड़ियों के लिए कितनी बड़ी चुनौती है?

भारतीय टीम के लिए यह साल काफी व्यस्त रहा है। आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों के बाद एशियाई खेल, फिर वनडे और अब लगातार घरेलू सीरीज हैं। खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम नहीं मिल पा रहा है। मेरा मानना है कि जिंबाब्वे के विरुद्ध प्रस्तावित सीरीज को टाला जा सकता था, ताकि ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध महत्वपूर्ण पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले खिलाड़ियों को आराम और तैयारी का समय मिलता। खिलाड़ियों को आराम देने के लिए टेस्ट पदार्पण के मौके बांटना सही तरीका नहीं है। चोट के कारण किसी खिलाड़ी को मौका मिलना अलग बात है।

न्यूजीलैंड में आप किन भारतीय बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की उम्मीद करते हैं?

देवदत्त पडिक्कल ने अच्छा प्रदर्शन किया है और उनमें शतक बनाने की भूख दिखाई देती है, जो टेस्ट क्रिकेट में बहुत जरूरी है। शुभमन गिल ने इंग्लैंड में अच्छी बल्लेबाजी की थी और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भी उनसे रन बनाने की उम्मीद है। मेरी नजर यशस्वी जायसवाल पर भी रहेगी। केएल राहुल भी भरोसेमंद बल्लेबाज हैं और उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है।

लगातार सीमित ओवर क्रिकेट खेलने के बाद टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता में ढलना कितना चुनौतीपूर्ण होगा?

यह निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में प्रारूपों के बीच लगातार बदलाव के कारण खिलाड़ी अब जल्दी मानसिक बदलाव करना सीख रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, सही गेंद का इंतजार और रक्षात्मक शॉट खेलने का अनुशासन जरूरी है। खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार अपनी मानसिकता और बल्लेबाजी की योजना बदलनी होगी।

भारत और न्यूजीलैंड सीरीज का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा।

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