700 ग्राम ज्यादा वजन ने छीना गोल्ड जीतने का सपना, MMA में ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद छलका सुचिका तारियाल का दर्द
सुचिका तारियाल ने एशियाई खेलों में महिलाओं के 60 किग्रा एमएमए इवेंट में कांस्य पदक जीता, लेकिन वजन के आधार पर हुए फैसले से निराश हैं।

सुचिका तारियाल

समय कम है?
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पीटीआई, नागोया। एशियाई खेलों में सोमवार को महिलाओं के पारंपरिक 60 किग्रा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) इवेंट में सुचिका तारियाल को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। सिंगापुर की हुई हून टेओ को सेमीफाइनल का विजेता घोषित किया गया, क्योंकि दोनों फाइटर्स के बीच मुकाबला ड्रॉ होने के बाद परिणाम के लिए वजन को आधार बनाया गया। जिसमें टेओ का वजन सुचिका से 700 ग्राम कम निकला, इस आधार पर टेओ को विजेता घोषित किया गया।
इस खेल में भारत का यह पहला पदक था। एमएमए को इन खेलों के 20वें संस्करण में पहली बार शामिल किया गया था। हालांकि, इस नतीजे से सुचिका बहुत दुखी हुईं और टेओ के पक्ष में फैसला आने के बाद मैट पर फूट-फूटकर रोने लगीं।
सुचिका तारियाल ने दिया बयान
हरियाणा के रोहतक जिले के किलोई गांव की रहने वाली 36 वर्षीय सुचिका ने मुकाबले के बाद बातचीत में कहा कि मैं नतीजे से थोड़ी निराश हूं, क्योंकि मुझे लगा कि मैंने फाइट जीती है। मैं इस नतीजे से सहमत नहीं हो पा रही हूं। मैं कह रही थी कि यह सही नहीं है। मैंने अपने दोनों राउंड बहुत अच्छे से जीते, क्योंकि मैंने प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिराया था। उसने मुझे नीचे नहीं गिराया था। हां, दो-तीन पंच लगे हो सकते हैं। मैंने भी एक पंच मारा था और आखिरी मिनट में वह आगे-पीछे हो रही थी। मैं उसे बार-बार मार रही थी। हालांकि, उन्हें इस बात का गर्व है कि वह मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं।
फैसले को भारतीय टीम ने दी थी चुनौती
कड़े मुकाबले का नतीजा शुरू में टेओ के पक्ष में गया, लेकिन भारतीय टीम की चुनौती के बाद, छह जजों के बंटे हुए फैसले के कारण नतीजा ड्रॉ घोषित कर दिया गया। इसके बाद इंटरनेशनल फेडरेशन के नियमों के तहत सुबह के दौरान फाइटर्स के वजन के आधार पर विजेता तय किया गया। मुकाबले से पहले सुबह सुचिका का वजन लगभग 59.2 किलोग्राम था, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी का वजन 58.5 किलोग्राम पाया गया था।
मुझे हुई असुविधाओं पर कोई नहीं पूछता
मुकाबले से एक दिन पहले वजन कम करने के प्रयास में सौना बाथ के दौरान डिहाइड्रेशन और थकान से बेहोश होकर एशियाई खेलों से हट चुके भारत के एक और एमएमए फाइटर वरुण सान्याल ने अब आयोजन में उन्हें हुई असुविधाओं पर बात की है। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि वजन कम करने के लिए उन्होंने अकेले ही बेवकूफी भरी कोशिश की, लेकिन कोई यह क्यों नहीं पूछता कि उन्हें यह सब अकेले ही ऐसा क्यों करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि जाहिर है कि मुझे यहां रहने-सहने की कई दिक्कतें हुईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने बताया कि यहां अपना कमरा पाने के लिए भी मुझे बिना खाने के मुझे आठ से 10 घंटे तक इंतजार करना पड़ा था।
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