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खेत की पगडंडियों पर दौड़कर गुलवीर ने चमकाया देश का नाम, एशियन गेम्स में जीता सिल्वर मेडल

Published: Sat, 26 Sep 2026 12:06 AM (IST)

गुलवीर सिंह उर्फ गोलू ने एशियाड में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी और खेतों ...और पढ़ें

गुलवीर सिंह

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जागरण संवाददाता, अलीगढ़। कभी खेतों की मेड़ों और पगडंडियों पर दौड़कर मंजिल तलाशने वाला गुलवीर सिंह उर्फ गोलू आज बड़े खेल मंचों पर तिरंगे की शान बनकर दौड़ रहा है। रास्ते में आर्थिक तंगी मिली, खेतों में पसीना बहाना पड़ा, मगर कदम कभी नहीं रुके। यही जुनून आज गुलवीर को अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स के चमकते सितारों में खड़ा कर चुका है।

शुक्रवार को एशियाड में रजत मिलने से गांव में खुशी का माहौल है। ढोल की थाप पर डांस और मिष्ठान वितरण किया जा रहा है। जीत से गदगद मां ने कहा उनका बेटा रजत व कांस्य जीत चुका, अब देश को स्वर्ण पदक दिलाएगा।10 हजार मीटर, पांच हजार मीटर और 1500 मीटर दौड़ के खिलाड़ी गुलवीर के पिता किसान पप्पू सिंह खेतीबाड़ी करते हैं।

गुलवीर सिंह का बचपन गांव में बीता

गुलवीर का बचपन गांव में ही बीता। शुरू से ही खेल में रुचि थी, मगर गांव में संसाधन का अभाव था। आर्थिक तंगी के चलते गांव से तीस किलोमीटर दूर स्टेडियम आना संभव नहीं था। पढ़ाई के साथ पिता व भाइयों के साथ खेत में काम करने की मजबूरी थी। इस सबके साथ गुलवीर ने अभ्यास का रास्ता खोजा। खेत से घर तक करीब दो किलोमीटर जर्जर रास्ते पर ही दौड़ना शुरू किया। कालेज की दौड़ प्रतियोगिताओं में मिली सफलता ने मजबूती दी और कॉलेज की ओर से दूसरे कस्बे और शहर की प्रतियोगिताओं में शामिल होने लगा।

कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अलीगढ़ में आयोजित स्टेट एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन देख जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव शमशाद निसार ने गुलवीर की मदद शुरू की। इसके बाद रास्ते खुलते चले गए। 2022 में 61वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10 हजार मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद 2023 एशियाड में कांस्य पदक ने इनकी रफ्तार को और बढ़ा दिया। खेल कोटे से सेना में क्लर्क की नौकरी मिल गई। फिर पदोन्नत होकर नायब सूबेदार बने।

माता-पिता को स्वर्ण व ओलंपिक पदक की चाह

बेटे की सफलता से मां लक्ष्मी देवी गदगद है। कहा कि उनका बेटा रजत व कांस्य जीत चुका अब देश को स्वर्ण पदक दिलाएगा। प्रशासन से मांग की कि गांव की खराब सड़क बनवा दी जाए। पिता ने कहा कि बेटे ने परिवार, गांव, प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है। अब इच्छा है कि बेटा ओलंपिक गेम्स में भी भारत के लिए पदक जीते।

गुलवीर की दादी गेंदो देवी भी अपने पोते की सफलता पर खुशी से फूली नहीं समा रही। कहा कि जब गोलू गांव आएगा तो वो पिछली बार की तरह इस बार भी जमकर डांस करेंगी। उसने पूरे गांव का नाम दुनिया में चमका दिया है।

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