Asian Games 2026: भारत और 5 अन्य टीमों के झंडारोहण में देरी, आयोजकों ने बताया 'मिसकम्युनिकेशन'
एशियन गेम्स में भारत और पांच अन्य टीमों के लिए झंडा फहराने का कार्यक्रम शुक्रवार को एक घंटे से ज्यादा देर से शुरू हुआ।
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खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशियन गेम्स में भारत और पांच अन्य टीमों के लिए झंडा फहराने का कार्यक्रम शुक्रवार को एक घंटे से ज्यादा देर से शुरू हुआ। इस देरी की वजह ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और स्थानीय आयोजन समिति (ANAGOC) के बीच "गलतफहमी" को बताया गया।
यह कार्यक्रम जापान के समय के अनुसार दोपहर 1:30 बजे गार्डन पियर पर शुरू होना था, जो एथलीटों के लिए कंटेनर-स्टाइल वाले रहने की जगह के पास है, लेकिन यह 20 मिनट की देरी से शुरू हुआ। सेरेमोनियल बैंड ने स्टेज संभाला, जबकि निंजा योद्धाओं की तरह कपड़े पहने कलाकारों ने भी अपने हुनर दिखाने के लिए इंतजार किया।
भारत के शेफ-द-मिशन सहदेव यादव और चार डिप्टी शेफ-द-मिशन ए शरथ कमल, लिजो डेविड थोट्टन, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे।
लेकिन इससे पहले कि छह दल यमन, उत्तर कोरिया, फिलिस्तीन, भारत, चीनी-ताइपे और तिमोर-लेस्ते मंच पर आते, उन्हें वहीं रुकने के लिए कहा गया। 15 मिनट से ज्यादा इंतजार करने के बाद, आखिरकार इन दलों को आराम करने वाली जगह पर वापस जाने के लिए कहा गया।
ANAGOC के एक सीनियर अधिकारी ने एक अनुवादक के जरिए मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, "देरी के लिए हमें खेद है। एक टीम के साथ कुछ समस्या हो गई है। हम अगले 15 मिनट में समारोह को फिर से शुरू करने की कोशिश करेंगे।"
कुछ समय तक उस "दिक्कत" की वजह साफ नहीं हो पाई, जबकि रुकावट एक घंटे से ज्यादा समय तक चलती रही। जब इंटरनेशनल मीडिया ने बार-बार यह सवाल उठाया कि क्या इस देरी के पीछे कोई राजनीतिक मुद्दा था, तो आयोजकों ने बाद में एक अलग वजह बताई और कहा कि यह गलतफहमी (miscommunication) का मामला था।
समारोह के बाद ANAGOC के एक और अधिकारी ने कहा, "ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की एग्जीक्यूटिव बोर्ड और आयोजन समिति के बीच बातचीत ठीक से नहीं हो पाई थी, इसीलिए ऐसा हुआ।"
लगातार पूछे जाने के बावजूद कि क्या रुकावट की वजह कोई राजनीतिक मुद्दा था, अधिकारी अपनी बात पर अड़े रहे। अधिकारी ने कहा, "ऐसा नहीं है कि किसी टीम ने समारोह में देरी की। पहले दिए गए बयान में जिस दिक्कत का जिक्र किया गया था, वह OCA और ANAGOC के बीच गलतफहमी थी।" उन्होंने यह भी साफ किया कि इस देरी का ताइवान (चीनी-ताइपे) से कोई लेना-देना नहीं था।
उन्होंने कहा, "यह बस OCA और ANAGOC के बीच बातचीत की कमी है।" यह सफाई तब आई जब ANAGOC के एक और अधिकारी ने कहा, "देरी मुख्य अतिथि के आने में हुई देरी की वजह से हुई थी।" जब अलग-अलग टीमों के खिलाड़ी इंतजार कर रहे थे, तो उन्हें आराम करने वाली जगह पर ही रहने के लिए कहा गया, जब तक कि आयोजक आगे बढ़ने के लिए तैयार न हो जाएं।
जब काफी देर से रुकी हुई सेरेमनी आखिरकार फिर से शुरू हुई और झंडे फहराए गए, तो भारतीय दल के प्रतिनिधियों के तौर पर सिफ्र डिप्टी शेफ-डी-मिशन अंजलि भागवत (पूर्व राइफल शूटर) और लिजो डेविड थोट्टन (पूर्व 4x400 मीटर रिले एथलीट) ही मंच पर गए। भारत के खेल मंत्री मनसुख मंडाविया और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा भी थोड़ी देर के लिए वहां आए, क्योंकि खेलों के लिए IOA का ऑफिस पास ही है। वे भी बाद में चले गए।
सहदेव यादव ने PTI से कहा, "मैंने ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा।" मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में बाहर से आने वाली टीमों के आधिकारिक स्वागत के लिए झंडा फहराने का समारोह आयोजित किया जाता है और आम तौर पर यह गेम्स की आधिकारिक शुरुआत से एक दिन पहले होता है।
शुक्रवार को हुई बाधा ने इस बड़े इवेंट से जुड़ी आयोजन संबंधी चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। इससे पहले एथलीट रहने की जगह में देरी और तंग व्यवस्था की शिकायत भी कर चुके हैं। आयोजकों ने लागत कम करने के लिए पारंपरिक 'गेम्स विलेज' बनाने के बजाय कंटेनर-स्टाइल की झोपड़ियों, एक खड़े क्रूज शिप और होटलों में रहने की व्यवस्था की है।
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