विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जल प्रबंधन में टाटा स्टील फाउंडेशन का बजा डंका, कलिंगनगर प्रोजेक्ट के लिए मिला 2026 का CII राष्ट्रीय पुरस्कार

Published: Sun, 11 Oct 2026 11:26 AM (IST)

टाटा स्टील फाउंडेशन को कलिंगनगर की एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन परियोजना के लिए जल प्रबंधन में उत्कृष्टता हेतु सीआईआई राष्ट्रीय पुरस्कार ...और पढ़ें

टाटा स्टील फाउंडेशन को जल प्रबंधन में सीआईआई पुरस्कार मिला। जागरण

टाटा स्टील फाउंडेशन को जल प्रबंधन में सीआईआई पुरस्कार मिला। जागरण

HighLights

  1. टाटा स्टील फाउंडेशन को जल प्रबंधन में सीआईआई पुरस्कार मिला।

  2. कलिंगनगर परियोजना ने भूजल स्तर, कृषि उत्पादकता सुधारी।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर (ओडिशा)। टाटा स्टील फाउंडेशन को जल प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए वर्ष 2026 का सीआइआइ राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। फाउंडेशन को कलिंगनगर की एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन एवं जलवायु परिवर्तन अनुकूलन परियोजना के लिए ‘बियॉन्ड द फेंस’ श्रेणी में विजेता घोषित किया गया है।

ओडिशा के जाजपुर जिले के दानगड़ी और सुकिंदा ब्लॉक में संचालित यह परियोजना ब्राह्मणी नदी बेसिन के जलग्रहण क्षेत्र में स्थित है। इसके तहत नौ ग्राम पंचायतों के 12 गांवों में कुल 3,270.87 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है। ग्रामीण समुदायों को वर्षा पर निर्भरता, भूमि क्षरण, कृषि की कम उत्पादकता और आजीविका की असुरक्षा जैसी चुनौतियों से राहत दिलाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई थी।

चार वर्षों में सिंचाई और कृषि क्षेत्र में सुधार

परियोजना के तहत पहाड़ी क्षेत्र से घाटी तक समग्र जलग्रहण प्रबंधन की रणनीति अपनाई गई। इसके परिणामस्वरूप अतिरिक्त 207 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया, जबकि 427 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया। भूजल स्तर में लगभग एक मीटर का सुधार हुआ। इसके अलावा, 143 हेक्टेयर अनुपजाऊ भूमि को फिर से कृषि योग्य बनाकर उत्पादक खेती के उपयोग में लाया गया।

परियोजना के माध्यम से टिकाऊ कृषि पद्धतियों, फसल विविधीकरण और समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को भी बढ़ावा दिया गया। इन प्रयासों से परिवारों की औसत वार्षिक आय में शुरुआती स्तर की तुलना में 33.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे मुख्य रूप से वंचित और कमजोर समुदायों के 4,820 लोगों को लाभ मिला है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

परियोजना के प्रभावशाली परिणामों और समुदाय आधारित जल संरक्षण के प्रति टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को देखते हुए उसे यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। पुरस्कार समारोह में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल सहित कई वरिष्ठ नीति निर्माता और क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) देबदूत मोहंती, कृषि प्रमुख अनंत सिंह और फाउंडेशन के अन्य अधिकारियों ने समारोह में भाग लिया।

इस उपलब्धि पर टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सौरव राय ने कहा कि यह सम्मान कलिंगनगर में जल और आजीविका से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए स्थानीय समुदायों के सामूहिक प्रयासों तथा फाउंडेशन की टीमों की प्रतिबद्धता और तकनीकी क्षमता का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में इन प्रयासों को और मजबूत कर जल सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण आजीविका को अधिक टिकाऊ बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाएगा।

यह राष्ट्रीय सम्मान जल संबंधी चुनौतियों के समाधान के साथ समुदायों की क्षमता और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए टिकाऊ तथा व्यापक स्तर पर लागू की जा सकने वाली पहल विकसित करने के प्रति टाटा स्टील फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। फाउंडेशन स्थानीय संस्थाओं, सरकारी एजेंसियों और सामुदायिक हितधारकों के साथ मिलकर सहभागी जल प्रबंधन और दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहा है। 

यह भी पढ़ें- टाटा स्टील को बचाने के लिए दांव पर लगाया अपना बेशकीमती हीरा, ऐसी थीं लेडी मेहरबाई टाटा; महिलाओं की बुलंद आवाज बनीं

यह भी पढ़ें- जमशेदपुर में पीएंडएम मॉल की मापी के बाद बड़ा एक्शन, टाटा स्टील और JNAC की टीम ने सील किया गेट