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जमशेदपुर में पीएंडएम मॉल की मापी के बाद बड़ा एक्शन, टाटा स्टील और JNAC की टीम ने सील किया गेट

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:18 PM (GMT+05:30)

जमशेदपुर के पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल में जमीन के कथित अतिक्रमण और टाटा स्टील के बकाये को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई हुई।

पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल। (फाइल फोटो)

पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पीएंडएम मॉल में जमीन के कथित अतिक्रमण पर प्रशासनिक कार्रवाई।

  2. हाईकोर्ट के निर्देश पर मॉल परिसर की मापी की गई।

  3. टाटा स्टील के 2.23 करोड़ रुपये बकाये का मामला।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल में जमीन के कथित अतिक्रमण को लेकर शुक्रवार को प्रशासनिक कार्रवाई हुई।

हाईकोर्ट के निर्देश पर जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (अक्षेस) और टाटा स्टील के लैंड डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने मॉल परिसर की मापी कर जमीन का सीमांकन किया।

इसके बाद मॉल का पिछला गेट सील कर दिया गया। टाटा स्टील की ओर से 2.23 करोड़ रुपये के बकाये को लेकर जारी नोटिस और भुगतान की समय सीमा पूरी होने के बीच हुई इस कार्रवाई से प्रबंधन और दुकानदारों में हलचल है।

बिष्टुपुर से खरकई पुल होते हुए आदित्यपुर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित मॉल के आसपास जाम की समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है।

स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण और फुटपाथ तक पार्किंग फैलने की शिकायतें भी उठती रही हैं। संयुक्त टीम ने मापी के दौरान भूखंड की लंबाई, चौड़ाई और कुल क्षेत्रफल का सत्यापन किया तथा सीमांकन के निशान लगाए।

जांच में यदि स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर निर्माण या अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित हिस्से पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें अतिरिक्त निर्माण हटाने का कदम भी शामिल हो सकता है।

हालांकि, मापी में सामने आए विचलन का आधिकारिक विस्तृत ब्योरा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। कार्रवाई के बाद करीब छह लाख वर्गफीट में फैले इस व्यावसायिक परिसर के दुकानदारों और अन्य प्रतिष्ठानों के बीच अनिश्चितता का माहौल है। मॉल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

2008 में हुआ था 30 साल का लीज एग्रीमेंट

टाटा स्टील ने सात मार्च 2008 को पीएंडएम हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड को 3.12 एकड़ जमीन 30 वर्षों की लीज पर आवंटित की थी।

फिल्म निर्माता प्रकाश झा और उद्यमी आरके अग्रवाल की साझीदारी से विकसित इस परियोजना का उद्घाटन 15 अगस्त 2017 को हुआ था। वर्तमान में परिसर में एक मल्टीप्लेकस और होटल सहित कई नामी ब्रांड संचालित होते हैं।

टाटा स्टील के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2014-15 की अवधि का लीज रेंट और 25 प्रतिशत रोड सेस मिलाकर कंपनी पर 2.23 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस संबंध में जारी नोटिस में भुगतान के लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई थी।

साथ ही चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर सबलीज की स्वीकृति रद करने और जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

टाटा स्टील का पक्ष

टाटा स्टील के प्रवक्ता के अनुसार, अतिरिक्त जमीन पर कब्जे की शिकायतों के बाद शुक्रवार को मॉल का संयुक्त सर्वे किया गया। इसका उद्देश्य जमीन के उपयोग की पुष्टि करना और उठाई गई चिंताओं का आकलन करना था।

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