भुवनेश्वर, जेएनएन। वरिष्ठ ओडिया फिल्म निदेशक मनमोहन महापात्र का पार्थिव शरीर आज पंचतत्व में विलीन हो गया। राष्ट्रीय मर्यादा के साथ पुरी के स्वर्गद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया है। बड़े बेटे आशुतोष ने चिता को मुखाग्नि दी है। खबर के मुताबिक आज स्वर्गद्वार में मनमोहन का परिवार, उनके रिश्तेदार तथा उन्हें चाहने वाले लोग अंतिम दर्शन करने के लिए पुरी पहुंचे थे। 

गौरतलब है कि सोमवार को भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में 69 साल की उम्र में मनमोहन ने अंतिम श्वास ली थी। ओडिया सिनेमा को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में उनका योगदान अतुलनीय है। हाल ही में 30वें राज्य चलचित्र पुरस्कार में मनमोहन महापात्र की फिल्म भिजा माटी र स्वर्ग के लिए श्रेष्ठ निदेशक सम्मान से उन्हें सम्मानित किया गया था।

श्रेष्ठ क्षेत्रीय सिनेमा वर्ग में वह लगातार 8 बार राष्ट्रीय चलचित्र पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। 1976 में उनकी पहली फिल्म शीत राति श्रेष्ठ ओडिया फिल्म के तौर पर राष्ट्रीय सिनेमा पुरस्कार हासिल करने में सफल हुई थी। इसके साथ ही यह अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में जगह बनाने वाली यह पहली ओडिया फिल्म थी। इसके अलावा नीरव झड़, क्लांत अपराह्न, मझी पहाच, निषिद्ध स्वप्न, किछि स्मृति किछि अनुभूति जैसी फिल्म बनाकर वह ओडिया सिनेमा को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में सफल हुए थे। उनके निधन पर पूरा ओडिया सिने जगत ने दुख प्रकट किया है।

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