वंदे भारत एक्सप्रेस को पहियों की सप्लाई का दिखा दम, SAIL के नेट प्रॉफिट में 315% का जबरदस्त उछाल
सेल ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पिछले साल की तुलना में 315% शुद्ध लाभ वृद्धि दर्ज की।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
सेल का शुद्ध लाभ 315% बढ़ा, रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज।
वंदे भारत के पहियों की आपूर्ति कर राष्ट्रीय क्षमता साबित की।
उत्पादकता, सुरक्षा और उपकरण स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कर-पश्चात लाभ में करीब 315% की वृद्धि दर्ज की।
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. ए. के. पंडा ने कहा कि उत्पादन-विक्रय समन्वय, लौह अयस्क पर ध्यान और उच्च मूल्य वाले उत्पादों ने बेहतर वित्तीय नतीजों में योगदान दिया।
बेहतर ईंधन दर के सहारे सेल ने हॉट मेटल, क्रूड स्टील, विक्रेय स्टील और फिनिश्ड स्टील का अब तक का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन किया।

उच्च मूल्य वाले उत्पादों की मात्रा में 36% की वृद्धि हुई। भारतीय रेलवे को वंदे भारत के पहियों की आपूर्ति को स्थिर करने से राष्ट्रीय परियोजना के मानकों पर खरा उतरने की क्षमता भी साबित हुई।
कंपनी ने कहा कि बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन से बुनियादी ढांचा, इंजीनियरिंग, रक्षा और रेलवे जैसे क्षेत्रों में उसकी मौजूदगी मजबूत हुई है।
सबसे अधिक बिक्री
सेल की खदानों ने अब तक का सबसे अधिक त्रैमासिक उत्पादन और बिक्री दर्ज की। इससे संयंत्रों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई और घरेलू बाजार में अतिरिक्त बिक्री से मूल्य मिला।
इन्वेंट्री अनुशासन और रेल व सड़क से सीधे प्रेषण पर जोर ने ग्राहकों तक सामग्री पहुंचाने का समय घटाया। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले बिक्री मात्रा 5% बढ़ी। कुल विक्रेय स्टील में फिनिश्ड स्टील की हिस्सेदारी भी बढ़ी।
तिमाही में पहली बार संयंत्रों में सुरक्षा पर विशेष बड़े समूहों की बैठकें हुईं। डॉ. पंडा ने कहा कि उत्पादकता, सुरक्षा और उपकरणों का स्वास्थ्य साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने तिमाही के नतीजों को प्रचालन उत्कृष्टता, नवाचार और वित्तीय विवेक के समन्वय का परिणाम बताया।