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राउरकेला में जंगली हाथी का आतंक: 55 वर्षीय महिला को कुचलकर मार डाला, गांव में दहशत

Published: Sat, 06 Jun 2026 10:35 AM (IST)

राउरकेला के कच्छूपाड़ा गांव में एक जंगली हाथी ने 55 वर्षीय महिला जमुना महंत को कुचलकर मार डाला, जब वह शौच के लिए गई थी।

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जागरण संवाददाता, राउरकेला। राउरकेला वन प्रभाग के बांकी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कच्छूपाड़ा गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक 55 वर्षीय महिला को जंगली हाथी ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।

मृतका की पहचान जमुना महंत के रूप में हुई है। यह दिल दहला देने वाली घटना उस वक्त घटी जब महिला अपने घर के पीछे खुले में शौच के लिए गई हुई थी। इसी दौरान उसका सामना गांव के पास भटक रहे एक अकेले और आक्रामक जंगली हाथी से हो गया।

इससे पहले कि जमुना कुछ समझ पातीं या वहां से भागकर अपनी जान बचा पातीं, गुस्साए गजराज ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हाथी ने महिला को उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर उन्हें बेरहमी से पैरों तले रौंद डाला।

हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि असहाय महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस खौफनाक घटना के बाद पूरे कच्छूपाड़ा गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया और चीख-पुकार मच गई। घटना की सूचना पाते ही भारी संख्या में सहमे हुए ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।

हादसे की जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जमुना महंत की इस दुखद मौत ने सुंदरगढ़ जिले के वन-सीमावर्ती गांवों में लगातार गहराते मानव-हाथी संघर्ष को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।

इन इलाकों में इंसानों और जंगली हाथियों के बीच आमना-सामना अब एक गंभीर समस्या बन चुका है, जिससे ग्रामीणों का जीवन हमेशा खतरे में रहता है। इस बीच, वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे सरकारी नियमों और प्रावधानों के तहत शोक संतप्त परिवार को उचित मुआवजा और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने की कार्रवाई कर रहे हैं।

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