दशहरे पर आ सकता है चक्रवात! ओडिशा में लैंडफॉल की आशंका, यूरोपीय मॉडल का बड़ा अनुमान
यूरोपीय मौसम मॉडल के अनुसार, दुर्गापूजा और दशहरे के दौरान ओडिशा में मौसम बिगड़ सकता है, बंगाल की खाड़ी में ...और पढ़ें

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HighLights
14 अक्टूबर से ओडिशा में बारिश शुरू होने की संभावना।
16 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट से टकराने की संभावना है।
नवमी-दशमी पर बारिश से दुर्गापूजा का उत्सव प्रभावित हो सकता है।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर (ओडिशा)। दुर्गापूजा और दशहरा के दौरान ओडिशा में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। यूरोपीय मौसम मॉडल ईसीएमडब्ल्यूएफ के ताजा पूर्वानुमान ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है।
मॉडल के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित निम्न दबाव क्षेत्र क्रमशः अवदाब और फिर गहरे अवदाब में बदल सकता है। इसके गहरे अवदाब से भी अधिक सशक्त होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसका संभावित मार्ग आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर रह सकता है।
ईसीएमडब्ल्यूएफ के आकलन के मुताबिक, 13 अक्टूबर तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है। 14 अक्टूबर को यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में अवदाब का रूप ले सकता है। इसके बाद 15 अक्टूबर तक इसके गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की संभावना है। 16 अक्टूबर तक यह आंध्र प्रदेश अथवा ओडिशा तट को छू सकता है।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए गहरे अवदाब की तरह इसके भी तट से टकराने के बाद अधिक अंदरूनी क्षेत्रों में प्रवेश करने की संभावना कम है और इसका प्रभाव मुख्य रूप से तटीय इलाकों तक सीमित रह सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह अनुमान और संभावित मार्ग सही साबित होता है तो ओडिशा में 14 अक्टूबर से बारिश शुरू हो सकती है। 18 अक्टूबर तक वर्षा का प्रभाव बना रह सकता है। यदि प्रणाली गहरे अवदाब या उससे अधिक शक्तिशाली रूप धारण करती है तो बारिश का असर भी अधिक व्यापक हो सकता है।
हालांकि अभी स्पष्ट रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी तक न तो कोई चक्रवाती परिसंचरण बना है और न ही बादलों का संगठित समूह विकसित हुआ है। 8 से 10 अक्टूबर के बीच स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह प्रणाली 16 अक्टूबर या उससे पहले तट से टकराती है तो दुर्गापूजा की नवमी और दशमी के दौरान मौसम प्रभावित हो सकता है। वहीं यदि इसकी गति धीमी रही तो दशहरा के दिन भी भारी बारिश हो सकती है। अक्टूबर में अंडमान सागर क्षेत्र से उत्पन्न होने वाली प्रणालियां कई बार तेजी से मजबूत होती हैं, इसलिए मौसम वैज्ञानिक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इधर राज्य में गर्मी का प्रकोप भी जारी है। मंगलवार को 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। चांदबाली में सबसे अधिक 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक था। ढेंकानाल में 36.3 डिग्री तथा पुरी, नयागढ़ और पारलाखेमुंडी में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
अन्य शहरों में अनुगुल में 35.7 डिग्री, टिटिलागढ़ में 35.5 डिग्री, सोनपुर में 35.3 डिग्री, छत्रपुर में 35.2 डिग्री और तालचेर में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पुरी में तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक रहा, जबकि अनुगुल में 2.6 डिग्री और टिटिलागढ़ में 1.4 डिग्री अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। भीषण उमस और गर्मी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बुधवार को बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, सुंदरगढ़, केन्दुझर और मयूरभंज जिलों के कुछ स्थानों पर वर्षा हुई है। वहीं गुरुवार को उत्तर ओडिशा तथा आंतरिक ओडिशा के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
