ओडिशा में 41273 करोड़ रुपये से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर, 6794 ग्राम पंचायतों में खुलेंगे मॉडर्न स्कूल
ओडिशा सरकार ने राज्य को 'नॉलेज कैपिटल' बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों का रोडमैप पेश किया है।


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जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा को देश का 'नॉलेज कैपिटल' बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा विजन पेश किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन ई पी-2020) के क्रियान्वयन पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शिक्षा क्षेत्र में 'क्रांतिकारी बदलाव' का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह विकास की नींव है। सरकार का लक्ष्य छात्रों को 'इंडस्ट्री-रेडी' बनाना है ताकि वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने बताया कि 2025-26 के बजट में शिक्षा के लिए 41,273 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य के युवाओं के भविष्य को मजबूत आधार देगा।

गांव-शहर की खाई पाटने पर फोकस
ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए 'गोदावरीश मिश्र आदर्श विद्यालय' योजना शुरू की गई है। इसके तहत 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 6,794 ग्राम पंचायतों में आधुनिक स्कूल बनाए जाएंगे। इन स्कूलों में शहरी स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे गांव के बच्चों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

आरक्षण और आर्थिक मदद से बढ़ेगा नामांकन
सरकार ने सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा में एसइबीसी वर्ग के लिए 11.25 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। वहीं, जनजातीय छात्रों के ड्रॉपआउट को रोकने के लिए ‘शहीद माधो सिंह हाथ खर्च योजना’ के तहत सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है।

ओडिया भाषा में भी मिलेगी उच्च शिक्षा
मातृभाषा को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी और उच्च शिक्षा को ओडिया भाषा में उपलब्ध कराने हेतु इग्नू के साथ समझौता किया गया है। इससे छात्रों को जटिल विषयों को समझने में आसानी होगी।

2036 तक जीईआर बढ़ाने का लक्ष्य
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ओडिशा की 70 प्रतिशत आबादी युवा है, जो नवाचार के लिए बड़ा अवसर है। वर्तमान में राज्य का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) 23 प्रतिशत है और इसे 2036 तक राष्ट्रीय औसत 29 प्रतिशत से ऊपर ले जाने का लक्ष्य है।

संस्कृति और शिक्षा का अनूठा संगम
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यहां शिक्षा और संस्कृति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने सारला दास, फकीर मोहन और भीम भोई के योगदान को याद किया।
'शक्तिश्री' ऐप लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘शक्तिश्री’ मोबाइल ऐप और मुख्यमंत्री इंटर्नशिप गाइडलाइन पुस्तक का भी लोकार्पण किया। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि यह कार्यशाला केवल चर्चा नहीं, बल्कि विकसित ओडिशा के निर्माण का 'चिंतन शिविर' है। वहीं, पीएम-ऊषा योजना के तहत राज्य को 700 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता मिली है और 14 विश्वविद्यालयों में नए कुलपतियों की नियुक्ति की गई है।
