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भुवनेश्वर में CM माझी ने श्रमिकों का किया सम्मान: महंगाई भत्ते में की 10 रुपये बढ़ोतरी, मजदूरी 472 से 622 रुपये की

Published: Sat, 02 May 2026 01:43 PM (IST)

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में श्रमिक दिवस पर श्रमिकों के योगदान को सराहा और उनके सम्मान पर जोर ...और पढ़ें

श्रमिक नेता को सम्मानित करते मुख्यमंत्री

श्रमिक नेता को सम्मानित करते मुख्यमंत्री

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जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर राजधानी भुवनेश्वर के ओयूएटी कृषि शिक्षा सदन परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने श्रमिकों के योगदान को देश और राज्य की प्रगति का आधार बताते हुए उनके सम्मान और अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिक ही मानव सभ्यता के असली निर्माता हैं और उनके परिश्रम से ही विकास की नींव मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। वर्ष 2025-26 में निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत 5 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है, जबकि 541 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की गई। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं। ‘श्रमिक साथी’ मोबाइल ऐप के जरिए भी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता में प्रतिदिन 10 रुपये की वृद्धि की घोषणा की, जो एक अप्रैल से प्रभावी होगी। इसके बाद अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 472 रुपये, अर्द्धकुशल की 522 रुपये, कुशल की 572 रुपये और उच्च कुशल श्रमिकों की 622 रुपये प्रतिदिन हो जाएगी।

कार्यक्रम के दौरान 6 हजार निर्माण श्रमिकों को नए पहचान पत्र प्रदान किए गए और विभिन्न योजनाओं के तहत 150 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। साथ ही 130 करोड़ रुपये की लागत से श्रम विभाग के 50 नए स्थायी कार्यालयों के निर्माण का शिलान्यास भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में तेजी से औद्योगीकरण और कौशल विकास के माध्यम से दादन (प्रवासी) श्रमिकों की समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ओडिशा में रोजगार के अवसर बढ़ने से अब रिवर्स माइग्रेशन शुरू हो गया है और तिरुपुर व कोयंबटूर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से श्रमिक वापस लौटकर राज्य में ही काम कर रहे हैं।

सरकार के 22 माह के कार्यकाल में निजी क्षेत्र में 92 हजार युवाओं को रोजगार मिला है, जिनमें 10 हजार अन्य राज्यों से लौटे श्रमिक शामिल हैं। श्रमिकों को वर्षभर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ‘डालखाई योजना’ भी शुरू की जा रही है।

इस अवसर पर पांच विशिष्ट श्रमिक नेताओं—सुमिता महापात्र (भद्रक), किशोर चंद्र जेना (कटक), गोकुल मेहर (संबलपुर), मदन मोहन ढल (भुवनेश्वर) और प्रशांत कुमार पाढ़ी (बुर्ला) को “मुख्यमंत्री श्रमिक बंधु सम्मान” से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में श्रम मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के विकास में उनकी भूमिका अहम है। एकाम्र-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह भी समारोह में मौजूद रहे। अतिरिक्त मुख्य सचिव चित्रा अरुमुगम ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि श्रम आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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