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ओडिशा में अभी सर्दी की 'नो-एंट्री', अक्टूबर में भादो जैसी उमस और तीखी धूप से बेहाल हुए लोग; टूटे रिकॉर्ड

Published: Tue, 06 Oct 2026 02:36 PM (IST)

अक्टूबर में ओडिशा में मार्च जैसी गर्मी पड़ रही है, जिसका कारण सुपर एल-नीनो का प्रभाव है। तटीय इलाकों में ...और पढ़ें

ओडिशा में अक्टूबर में मार्च जैसी गर्मी, एल-नीनो के असर से तप रहा राज्य (AI Generated Image)

ओडिशा में अक्टूबर में मार्च जैसी गर्मी, एल-नीनो के असर से तप रहा राज्य (AI Generated Image)

HighLights

  1. अक्टूबर में ओडिशा में मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का अनुभव।

  2. सुपर एल-नीनो के प्रभाव से सर्दी कमजोर रहने की आशंका।

  3. पुरी और पारादीप में रिकॉर्ड तोड़ तापमान दर्ज किया गया।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बारिश की विदाई और शरद ऋतु की दस्तक के बावजूद ओडिशा में गर्मी का सितम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही मौसम का मिजाज मार्च-अप्रैल जैसा हो गया है। दिन में पड़ रही तीखी धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं रात में भी राहत नहीं मिल रही।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सुपर एल-नीनो के प्रभाव के कारण इस बार सर्दी कमजोर पड़ सकती है और आने वाले दिनों में मौसम और अधिक असामान्य रहने की आशंका है।

राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। तटीय ओडिशा में स्थिति अधिक गंभीर है। सोमवार को पुरी में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक है।

वहीं, पारादीप में पारा 36.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.3 डिग्री अधिक है। चांदबली में तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के करीब 12 स्थानों पर तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पुरी और पारादीप में इस तारीख के लिए अक्टूबर माह का दूसरा सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया है। वर्ष 1896 से अब तक के आंकड़ों में पुरी में यह दूसरा अवसर है, जब अक्टूबर में इतनी अधिक गर्मी महसूस की गई है।

इससे पहले एक अक्टूबर 2024 को पुरी का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। इसी तरह पारादीप में चार अक्टूबर 2024 को 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो वहां का सर्वकालिक अक्टूबर रिकॉर्ड है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में आसमान पूरी तरह साफ है और समुद्र की ओर से ठंडी हवाओं का प्रवाह नहीं हो रहा है। सुबह और शाम को कुछ नमी रहने के बावजूद दिन में तेज धूप के कारण वातावरण में मौजूद जलवाष्प तेजी से कम हो रही है। इसके कारण लोगों को भाद्रपद जैसी चुभने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

चिंता की बात यह है कि रात के समय भी तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं हो रही है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। शहरी क्षेत्रों में बिना एयर कंडीशनर के रात बिताना मुश्किल हो रहा है। केवल दक्षिण ओडिशा के कुछ इलाकों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ओडिशा से दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग विदा ले चुका है। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में वर्षा होने के कारण मानसून की औपचारिक वापसी की घोषणा शेष है।

फिलहाल, राज्य में बड़ी बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि अगले दो-तीन दिनों में ट्रफ लाइन के प्रभाव से पूर्वी हवाएं सक्रिय हो सकती हैं। इसके चलते आंशिक बादल छाने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं।

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