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ओडिशा: सेहत में सुधार के बाद बांस के झूलों पर मस्ती कर रहे ओरंगुटान, डाइट में हुआ बदलाव

Published: Mon, 21 Sep 2026 08:58 PM (IST)

बालेश्वर से बरामद 5 ओरंगुटान शावक नंदनकानन प्राणी उद्यान के क्वारंटाइन सेंटर में धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। विशेषज्ञों की ...और पढ़ें

सेहत में सुधार के बाद बांस के झूलों पर मस्ती कर रहे ओरंगुटान, डाइट में हुआ बदलाव (जागरण)

सेहत में सुधार के बाद बांस के झूलों पर मस्ती कर रहे ओरंगुटान, डाइट में हुआ बदलाव (जागरण)

HighLights

  1. 5 ओरंगुटान शावक नंदनकानन क्वारंटाइन सेंटर में स्वस्थ हो रहे हैं।

  2. विशेषज्ञों की टीम ने स्वास्थ्य जांच कर उपचार में बदलाव सुझाए।

  3. शावकों को अब ठोस आहार और कृमिनाशक दवाएं दी जा रही हैं।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बालेश्वर से बरामद 5 ओरंगुटान शावक अभी नंदनकानन प्राणी उद्यान के शिशु पालन केंद्र स्थित क्वारंटाइन सेंटर में हैं। यहां रहते हुए उन्हें 14 दिन हो चुके हैं। पीसीसीएफ द्वारा गठित तकनीकी समिति की निगरानी में इन ओरंगुटान शावकों का उपचार जारी है।

उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और आवश्यक भोजन व पेय उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही उनके व्यवहार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की खेलकूद गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है।

इसके परिणामस्वरूप शावक धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं और पहले की तुलना में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

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गत शनिवार को आए विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उनके भोजन में कुछ बदलाव किए गए हैं। उन्हें दिए जाने वाले भोजन और दूध की मात्रा बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में उन्हें उबली हुई बीन्स, गाजर आदि खिलाई जा रही हैं। अब वे दौड़ने और बांस के झूलों पर खेलने लगे हैं। इन झूलों पर झूलते हुए ओरंगुटान शावक काफी प्रसन्न नजर आ रहे हैं।

तकनीकी समिति के तीन सदस्यों ने पांचों शावकों की स्वास्थ्य जांच की थी तथा उनके रक्त के नमूने एकत्र किए थे। प्रारंभिक जांच में तीन शावकों में रक्ताल्पता (एनीमिया) पाई गई थी, जिसके लिए आवश्यक दवाएं दी गईं।

इसके बाद गत तकनीकी समिति के दो सदस्य—दिल्ली चिड़ियाघर के पशुधन अधिकारी डॉ. अभिलीत भावाल तथा देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. सनाथ कृष्णा मुलिया—क्वारंटाइन सेंटर पहुंचे।

उन्होंने ओरंगुटान शावकों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य सेवा और प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं पर कई सुझाव दिए।

विशेषज्ञों ने शावकों के भोजन की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाने और उन्हें ठोस आहार देना शुरू करने की सलाह दी है। साथ ही कृमि संक्रमण को पूरी तरह समाप्त करने के लिए आइवरमेक्टिन/जारामेक्टिन दवा देने की भी सिफारिश की है। तकनीकी समिति की सलाह के अनुसार शावक कुल 30 दिन तक क्वारंटाइन सेंटर में रहेंगे।

अब तक 14 दिन पूरे हो चुके हैं और क्वारंटाइन अवधि के 16 दिन शेष हैं। 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ओरंगुटानों को आगे कहां रखा जाएगा। हालांकि, नंदनकानन में ही इन्हें स्थायी रूप से रखने की मांग कई पर्यटकों और पशु प्रेमियों द्वारा की जा रही है।

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