स्मार्टफोन हैं पर सिग्नल नहीं: मयूरभंज में 251 गांवों में नेटवर्क नदारद, OTP और एंबुलेंस के लिए भटक रहे ग्रामीण
ओडिशा के मयूरभंज जिले के 721 गांवों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है, जिससे ग्रामीण डिजिटल सेवाओं से वंचित हैं।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
मयूरभंज के 721 गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या।
सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, शिक्षा पर पड़ रहा बुरा असर।
अतिरिक्त जिलाधिकारी ने जांच कर कदम उठाने का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। देश तेजी से डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा है। सरकारी योजनाओं से लेकर पढ़ाई, इलाज और बैंकिंग तक की सुविधाएं ऑनलाइन हो रही हैं, लेकिन ओडिशा के मयूरभंज जिले के सैकड़ों गांव आज भी नेटवर्क के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीणों के हाथ में स्मार्टफोन तो है, लेकिन मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से वह उनके किसी काम का नहीं है। स्थिति यह है कि मोबाइल पर नेटवर्क पाने के लिए लोगों को पेड़ों और पहाड़ियों पर चढ़ना पड़ता है।
जिले के 721 गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। इनमें 251 गांव ऐसे हैं, जहां नेटवर्क पूरी तरह नदारद है, जबकि 401 गांवों में कमजोर नेटवर्क के कारण इंटरनेट सेवा सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही है।
मयूरभंज जिले की 404 पंचायतों के अंतर्गत 4,006 गांव आते हैं। डिजिटल सेवाओं पर बढ़ती निर्भरता के बीच नेटवर्क की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है।
सरकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन, लाभार्थियों का सत्यापन और बैंकिंग संबंधी कार्यों में मोबाइल पर आने वाला ओटीपी समय पर नहीं मिल पाता।
नतीजतन कई जरूरी काम अधूरे रह जाते हैं। नेटवर्क की तलाश में ग्रामीणों को घर से दूर जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।
दुर्गम इलाकों में स्थिति ज्यादा खराब
मासा आर्मी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुकुलाल मारांडी के अनुसार, जिले के दुर्गम और दूरदराज के इलाकों में नेटवर्क की समस्या अधिक गंभीर है।
कप्टिपदा, ठाकुरमुंडा, बांगिरिपोशी, बिशोई, जशीपुर और तिरिंग ब्लाक के अधिकांश गांव इससे प्रभावित हैं। कई जगह मोबाइल टावर होने के बावजूद इंटरनेट सेवा ठीक से काम नहीं करती। वहीं, अनेक गांवों में मोबाइल टावर की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।
पढ़ाई से लेकर स्वास्थ्य सेवाएं तक प्रभावित
नेटवर्क नहीं होने का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने, परीक्षा के फार्म भरने और शैक्षणिक जानकारी जुटाने में उन्हें परेशानी होती है।
आपात स्थिति में एंबुलेंस और दमकल सेवा बुलाना भी चुनौती बन जाता है। इसके अलावा खेती-किसानी, व्यापार और बैंकिंग गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
जांच के बाद उठाए जाएंगे कदम
जिले में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में संचार व्यवस्था की बदहाली डिजिटल इंडिया के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
इस संबंध में अतिरिक्त जिलाधिकारी दुखबंधु नायक ने कहा कि नेटवर्क की समस्या का अध्ययन कराया जाएगा और इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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