ओडिशा के जंगलों में गांजे की खेती, दिल्ली-यूपी तक सप्लाई; बिहार STF ने खोला अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट का राज
बिहार के तस्कर ओडिशा के जंगलों में गांजा और अफीम की खेती कर रहे थे, जिसे बिहार समेत अन्य राज्यों में भेजा जाता था।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
बिहार के तस्कर ओडिशा में कर रहे थे गांजा-अफीम की खेती।
एसटीएफ ने 50 किलो गांजा सहित चार तस्करों को दबोचा।
बिहार में ड्रोन से निगरानी, 100 एकड़ अफीम नष्ट।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के तस्कर ओडिशा के जंगलों में गांजा-अफीम जैसे मादक द्रव्यों की खेती कर रहे हैं। इस गांजा-अफीम की खेप तैयार होने के बाद बिहार के साथ उत्तरप्रदेश, दिल्ली, बंगाल जैसे राज्यों में भेजी जाती है।
बिहार एसटीएफ के नारकोटिक्स सेल ने ओडिशा पुलिस के सहयोग से सोमवार को ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र के सैंताला थाना क्षेत्र में छापामारी कर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है।
पुलिस की टीम ने 50 किलोग्राम गांजा के साथ चार ड्रग्स तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपितों में पटना के जेठुली के वार्ड संख्या आठ का सतीश राय (30 वर्ष), वैशाली के राघोपुर के वार्ड संख्या 14 का धनंजय कुमार (27 वर्ष), वैशाली के जुड़ावनपुर के वार्ड संख्या 11 का राजीव कुमार (24 वर्ष) और ओडिशा के कंधमाल के खामनखोल गांव का रामाकांत बाघ (22 वर्ष) शामिल है।
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार सतीश राय और राजीव कुमार लंबे समय से ड्रग्स तस्करी में सक्रिय हैं। सतीश झारखंड के सिमडेगा में जबकि राजीव जमेशदपुर से जुड़े एनडीपीएस एक्ट में जेल जा चुका है। सभी गिरफ्तार अपराधियों को आगे की कार्रवाई के लिए ओडिशा के सैंताला थाना को सौंप दिया गया है।
राघोपुर और पटना के तस्कर किराये पर कराते हैं खेती
गिरफ्तार सतीश राय ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि बिहार में मादक द्रव्यों के विरुद्ध सख्ती बढ़ाए जाने के कारण अब झारखंड से सटे इलाकों और ओडिशा में खेती का काम किया जा रहा है।
राघोपुर और पटना के बहुत सारे मादक पदार्थ के तस्कर कंधमाल (ओडिशा) के जंगलों में किराये पर जमीन लेकर गांजा का खेती करवाते हैं। इसके बाद यहां से कोलकाता, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि स्थानों पर गांजा भेजते हैं।
बिहार में ड्रोन से निगरानी, 100 एकड़ अफीम की खेती नष्ट
बिहार में अवैध शराब के निर्माण के साथ गांजा-अफीम की अवैध खेती की निगरानी ड्रोन से की जा रही है। एसटीएफ के अनुसार, इस वर्ष अगस्त तक ड्रोन की मदद से करीब सौ एकड़ में की जा रही अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।
जुलाई तक 3059 किलोग्राम गांजा, 20 किलो अफीम और 518 किलो डोडा भी बरामद किया गया है। झारखंड से सटे जंगली इलाकों के साथ नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में भी अंतरराज्यीय गिरोहों और नारकोटिक्स तस्करों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
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