यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
16 दिसंबर से रात 2 बजे खुलेगा 'जगन्नाथ मंदिर' का कपाट, लागू होगा ड्रेस कोड; इन श्रद्धालुओं के लिए होगी विशेष सुविधा
पुरी जगन्नाथ मंदिर में 16 दिसंबर से रात 2 बजे से महाप्रभु के कपाट खोले जाएंगे। इसके साथ 15 जनवरी ...और पढ़ें

HighLights
- दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था होगी।
- दो हजार भक्तों को बैठने के लिए बनेगा विश्रामागार।
- 17 जनवरी को होगा जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा परियोजना का उद्घाटन
शेषनाथ राय, भुवनेश्वर। पुरी जगन्नाथ मंदिर में 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक रात 2 बजे से महाप्रभु के कपाट खोले जाएंगे। इसके अलावा मंदिर में अन्य नीतियों को भी सुव्यवस्थित किया जाएगा। मंदिर के मुख्य प्रशासक रंजन दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
31 दिसंबर को रविवार को पड़ रहा है। इसलिए, भक्तों की भीड़ को देखते हुए रात और दिन के महाप्रभु के विश्राम नीति का निर्णय समय को देखकर लिया जाएगा। इसके साथ ही 15 जनवरी और 25 जनवरी को देवाभिषेक नीति निर्धारित की गई है।
एक जनवरी से सख्ती से लागू होगा ड्रेस कोड
पुरी जगन्नाथ मंदिर में एक जनवरी से ड्रेस कोड और पान-गुटखा पर लगाए गए प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाएगा। मंदिर का साफ सुथरा रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है और नए वर्ष से इसे अब सख्ती से लागू किया जाएगा।
दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था
पुरी जगन्नाथ महाप्रभु का दर्शन करने आ रहे दिव्यांग एवं बुजुर्ग भक्तों के लिए दर्शन में किसी प्रकार की कोई असुविधा ना हो इस पर विशेष ध्यान दिया गया है। नए साल से दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अनुशासित दर्शन के लिए विशेष व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है।
मरिचि कोट से मंदिर कार्यालय तक होगा शेड का निर्माण
महाप्रभु का दर्शन करने वाले भक्तों की शिकायत को दूर करते हुए मरचिकोट चौराहे से मंदिर कार्यालय तक एक छाया शेड का निर्माण किया जाएगा। इसमें सेंट्रल एसी, पीने का साफ पानी, बैठने के लिए कुर्सियां आदि की सुविधा उपलब्ध की जाएगी।
दो हजार भक्तों को बैठने के लिए बनेगा विश्रामागार
पुरी जगन्नाथ महाप्रभु का दर्शन करने आ रहे भक्तों को बैठने के लिए पार्किंग स्थल में ही विश्रामागार बनाया जाएगा। पार्किंग स्थल को चौड़ा करते हुए यहां पर दो हजार भक्तों के बैठने के लिए विश्रामागार की व्यवस्था की जाएगी। कृष्णा सिनेमा हॉल गली में श्रद्धालुओं के लिए जूते, मोबाइल और फर्नीचर रखने के लिए एक स्टैंड बनाया जाएगा।
17 जनवरी को होगा जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा परियोजना का उद्घाटन
17 जनवरी को पुरी जगन्नाथ मंदिर परिक्रमा परियोजना के उद्घाटन समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में अतिथि भाग लेंगे। सभी को आमंत्रित करने के लिए विभिन्न सेवायत नियोग के साथ चर्चा की गई है।
मेहमानों के लिए जगन्नाथ बल्लभ पार्किंग में एक विशेष लेजर शो की व्यवस्था की जाएगी ताकि अतिथियों को पुरी और महाप्रभु के बारे में जानकारी मिल सके और परिक्रमा परियोजना के बारे में जानकारी मिल सके।
खत्म होगी आनंद बाजार की अव्यवस्था
उसी तरह से नीति उपसमिति की बैठक में आनंदबाजार में होने वाली अव्यवस्था को दूर करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आनंद बाजार स्थित महाप्रसाद की मूल्य सूची को लेकर सुआर-महासुआर नियोग से चर्चा की गई है। आनंदबाजार को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
भक्तों को आनंदबाजार के अलावा किसी भी स्थान पर महाप्रसाद का सेवन करने की अनुमति नहीं होगी। केवल आनंदबाजार परिसर में ही महाप्रसाद की बिक्री की जाएगी। आनंदबाजार से जरी तिरपाल को हटाकर विशेष शेड का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में आनंदबाजार में खाजा की दुकान संख्या 3 और 14 को ध्वस्त करने और भक्तों के लिए आनंद बाजार को चौड़ा करने का भी निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर के मुख्य प्रशासक ने जानकारी दी कि पहली भोग नीति तय कर दी गई है।
