यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक झटके में लखपति बना मछुआरा, जाल में फंसी दुर्लभ प्रजाति की सोलपतिया मछली, एक किलो की कीमत सुन उड़ जाएंगे होश
ओडिशा में एक मछुआरा एक झटके में लखपति मिल गया। उसके जाल में दुर्लभ प्रजाति की एक या दो नहीं ...और पढ़ें

HighLights
- कोलकाता के एक व्यापारी ने मछुआरे से खरीद ली सारी मछलियां।
- मछुआरे को एक लाख रुपये से अधिक का किया गया भुगतान।
- अब इन मछलियों से बनेंगी दवाएं।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा का एक मछुआरा एक ही झटके में लखपति बन गया है। यह कहावत इस मछुआरे पर सटिक बैठती है कि ऊपर वाला जब देता है तो छप्पड़ फाड़कर देता है। हर दिन की तरह एक मछुआरा भद्रक धामरा मुहाना के चांदनी पाल से मछली पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में गया था।
मछली को देखने के लिए जुटी भीड़
मछुआरे का भाग्य उस समय खुल गया जब उसकी जाल में एक नहीं बल्कि सात दुर्लभ प्रजाति की सोलपतिया मछली फंस गई। मछुआरा जब इन मछलियों को लेकर समुद्र किनारे पहुंचा तो इसे देखने वालों की भीड़ लग गई।
दुर्लभ प्रजाति की मछली होने से इसकी नीलामी की गई तो कोलकाता के एक व्यापारी ने 8700 रुपये प्रति किलो के हिसाब से एक लाख 8 हजार 400 रुपये में खरीद लिया।
दवा कंपनी को बेच दी गई मछली
मछुआरे से मछली खरीदने के बाद व्यापारी ने इसे चेन्नई की एक दवा बनाने वाली कंपनी को बेच दिया है। यहां उल्लेखनीय है कि भद्रक वह स्थान है जहां मछुआरे अक्सर ऐसी दुर्लभ और महंगी मछली पकड़ते हैं।
एक अन्य मछली जिसे घोल कहा जाता है, जिसे स्थानीय रूप से तेलिया मछली कहा जाता है, मछुआरों के जाल में पकड़ी जाने वाली सबसे आम प्रजाति है। एक तेलिया मछली का वजन लगभग 30 किलोग्राम होता है और इसकी कीमत एक लाख रुपये से अधिक होती है।
