यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नेपाल में स्थिति बेकाबू, फायरिंग, आगजनी
नेपाल में संविधान परिवर्तन और अलग राज्य की मांग को लेकर गुरुवार को 14वें दिन भी मधेस आंदोलन जारी रहा। ...और पढ़ें

जागरण न्यूज नेटवर्क, मुजफ्फरपुर। नेपाल में संविधान परिवर्तन और अलग राज्य की मांग को लेकर गुरुवार को 14वें दिन भी मधेस आंदोलन जारी रहा। वीरगंज में पुलिस फायरिंग हुई। विरोध में आंदोलनकारियों ने पथराव किया और लक्षमणवा चौक पर वाहन में आग लगा दी। इसके अलावा जगह-जगह टायर जलाकर प्रदर्शन किया। पथराव में वीरगंज एसपी समेत दर्जनभर पुलिसकर्मी व आंदोलनकारी चोटिल हो गए। वीरगंज और नवलपरासी में कर्फ्यू तोड़कर प्रदर्शनकारी दिन भर सड़कों पर रहे। आंदोलन की आग में नेपाल के 22 जिले झुलस रहे हैं। जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। सामान की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
वीरगंज में सूखा बंदरगाह चौक के पास आंदोलनकारी सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। उसी दौरान पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने पांच राउंड गोलियां चलाईं, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। जवाबी कार्रवाई में आंदोलनकारियों ने पत्थर चलाकर पुलिस को खदेड़ा। इस दौरान मची भगदड़ और पथराव में दर्जन भर पुलिसकर्मी व आंदोलनकारी चोटिल हो गए। एसपी दिवेश लोहनी के पैर में चोट लगी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिर कर्फ्यू लगा दिया है।
जारी रहेगा आंदोलन
संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा के परसा जिला संयोजक प्रदीप यादव व सांसद लालबाबू गद्दी ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व उप प्रधानमंत्री उपेंद्र यादव ने कहा कि संविधान का जो मसौदा सामने आया है, उसके हिसाब से नेपाल की एक बड़ी आबादी को अधिकार नहीं मिलेगा। मधेस के सारे दल व सांसद एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं।