लंदन। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई को भले ही पुरस्कार मिल गया हो लेकिन फिलहाल उनकी चिंता स्कूल की परीक्षाएं हैं। मलाला के मुताबिक, मुझे चिंता है कि दिसंबर में पुरस्कार लेने जाने के दौरान छूटे पाठों को कैसे पूरा करूंगी।

पुरस्कार मिलने के बाद पहली शाम मलाला ने बर्मिघम में बिताई, जबकि पाकिस्तान में मौजूद उनके माता-पिता उन्हें टीवी पर देख रहे थे। मलाला ने द संडे टाइम्स को बताया कि मुझे सर्दी हो गई थी और मैं अच्छा महसूस नहीं कर रही थी। तालिबानी के हमले में घायल मलाला दिमाग की सर्जरी के बाद दो साल पहले बर्मिघम आई थी। वह कहती हैं, मैं सच में सम्मानित और खुश महसूस कर रही हूं। लोगों के प्यार की वजह से ही मैं गोली लगने की घटना से उबर सकी और मजबूत हुई। इसीलिए मैं समाज के लिए वह सब कुछ करना चाहती हूं, जो मैं कर सकती हूं। 2012 में आतंकियों की गोली का शिकार होने वाली मलाला, बालिकाओं की शिक्षा की वकालत करने के चलते पहले ही सेलिब्रिटी बन चुकी थी, उन्हें दो दिन पहले ही शांति का नोबेल पुरस्कार देने का एलान किया गया है।

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दुनिया की आंखों का तारा बनीं मलाला

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