वाशिंगटन। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित ‘ह्यूमेनिटेरियन' पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें यह सम्मान बाल अधिकारों की रक्षा में उनके योगदान के लिए दिया गया है। यह पुरस्कार पाने वाले सत्यार्थी पहले भारतीय हैं। गौरतलब है कि सत्यार्थी को शांति का नोबल पुरस्कार मिल चुका है।

यह सम्मान ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में काम किया हो। सत्यार्थी ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सतत विकास लक्ष्यों में बाल संरक्षण व कल्याण संबधी प्रावधानों को शामिल कराने में हाल में सफलता प्राप्त की है।

सत्यार्थी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं उन लाखों वंचित बच्चों की ओर से विनम्रतापूर्वक यह पुरस्कार स्वीकार करता हूं जिनके अधिकारों की रक्षा के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। आओ, हम सब मिलकर विश्व से बाल दासता को समाप्त करने का प्रण लें।

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Posted By: Sachin k