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बेरुत, रायटर : इजरायली लड़ाकू विमान ने गुरुवार सुबह सीरिया के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसमें दो सीरियाई जवान मारे गए। सीरियाई गृहयुद्ध की निगरानी करने वाली संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने इस हमले की पुष्टि की है।

इस हमले में सीरिया के साइंटिफिक एंड रिसर्च सेंटर और पास में स्थित सैन्य शिविर को निशाना बनाया गया। अमेरिका इस रिसर्च सेंटर में रासायनिक हथियार बनाए जाने का आरोप लगाता रहा है। सैन्य शिविर में ईरानी जवानों और हिजबुल्ला लड़ाकों को कई बार देखा जा चुका है।

हमले पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए सीरियाई सेना ने एक बयान में कहा कि इजरायल ने हामा प्रांत के मसयाफ शहर को निशाना बनाया। सीरिया ने कहा कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस आक्रामक कदम से क्षेत्र की शांति और स्थायित्व खतरे में पड़ सकता है।

यह हमला संयुक्त राष्ट्र द्वारा सीरियाई सरकार को अप्रैल में हुए रासायनिक हमले के लिए जिम्मेदार ठहराने की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के ठीक एक दिन बाद किया गया। सीरिया हालांकि वर्ष 2013 में ही रासायनिक हथियार कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा कर चुका है। मानवाधिकार संस्था के मुताबिक हमले की चपेट में आए सैन्य शिविर का इस्तेमाल मिसाइल रखने के लिए किया जाता है।

इजरायल और हिजबुल्ला में छत्तीस का आंकड़ा

इजरायल और हिजबुल्ला के बीच पिछले कई वर्षो से संघर्ष चल रहा है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ जारी मुहिम में हिजबुल्ला लड़ाके सीरियाई सेना की ओर से लड़ रहे हैं। हिजबुल्ला नेता सैयद हसन नसरल्ला ने हाल में दमिश्क की यात्रा कर असद से मिलने की बात कही थी। इजरायल के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार याकोव एमिडरोर ने हमले को नसरल्ला की सीरिया यात्रा से जोड़ा है। याकोव ने सीरियाई रिसर्च सेंटर से हिजबुल्ला को हथियार मुहैया कराने का आरोप लगाया है।

वहीं, लेबनान ने इजरायली लड़ाकू विमान द्वारा उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की बात कही है। इजरायल के इस हमले से पहले से ही संघर्ष की आग में झुलस रहे सीरिया के हालात और बिगड़ सकते हैं।

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Posted By: Abhishek Pratap Singh

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