बर्लिन। जर्मनी और अमेरिका के बीच जासूसी का जिन्न फिर जाग गया है। अभी तक अमेरिका पर जर्मन चांसलर एंजिला मर्केल की जासूसी के आरोप लग रहे थे। अब जर्मन पत्रिका डेर स्पीगल ने दावा किया है कि जर्मनी के जासूसों ने अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और उनकी पूर्ववर्ती हिलेरी क्लिंटन के फोन कॉल्स टैप कराए थे।

पत्रिका के मुताबिक, बीएनडी नाम की एजेंसी ने मिडिल ईस्ट में टेलीकम्युनिकेशंस सर्विलांस शुरू किया था। इसी कार्यक्रम के तहत उन्होंने 2013 में केरी द्वारा सेटेलाइट फोन से की गई वार्ता को टैप किया। इसके अलावा क्लिंटन और पूर्व संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान के बीच हुई वार्ता को भी बीएनडी ने टैप किया था। स्पीगल ने सूत्र का हवाला तो नहीं दिया मगर इतना जरूर साफ किया कि यह टैपिंग जानबूझकर नहीं की गई थी। सरकार ने इन रिकॉर्डिग को तुरंत नष्ट करने के आदेश दिए थे। क्लिंटन वाले मामले में दावा किया गया कि इसी फ्रीक्वेंसी पर संदिग्ध आतंकियों के बीच वार्ता की वजह से उनके फोन टैप हुए।

पिछले साल जर्मन मीडिया ने व्हिसिल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन द्वारा लीक किए गए दस्तावेज के हवाले से मर्केल की जासूसी का खुलासा किया था। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में कड़वाहट महसूस की गई थी। शनिवार की रिपोर्ट में स्पीगल ने दावा किया कि 2009 में बीएनडी ने नाटो सदस्य तुर्की के खिलाफ भी जानकारियां जुटाई थीं। बर्लिन स्थित अमेरिकी दूतावास और जर्मन खुफिया एजेंसी ने इस मामले में फिलहाल कुछ भी प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया।

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