टोक्यो, रायटर/पीटीआइ। दक्षिणी-पश्चिमी जापान में लगातार चौथे दिन शक्तिशाली भूकंप आया। शनिवार की सुबह कुमामोटो में आए भूकंप की तीव्रता 7.3 रही। मौसम विभाग ने सुनामी का अलर्ट वापस ले लिया है। लेकिन, तूफान आने और इससे जगह-जगह भूस्खलन होने की आशंका जताई गई है। बांध के टूटने और ओशो ज्वालामुखी में विस्फोट का खतरा भी पैदा हो गया है।

जापान के मुख्य कैबिनेट योशिहिदे सुगा ने बताया कि कई जगहों पर मलबे में लोगों के दबे होने की खबर है। कम से कम एक हजार लोगों के माशिकी के एक ही एक इलाके में दबे होने की आशंका जताई गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस, दमकल और स्वरक्षा बल के सदस्यों के साथ बीस हजार जवान राहत और बचाव के कार्य में जुटे हैं। अतिरिक्त जवानों को प्रभावित इलाकों में भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री शिंजो एबी ने बताया कि खराब मौसम की आशंका को देखते हुए बचावकर्मियों के पास लोगों को बचाने का समय बेहद कम है।

कुमामोटो क्षेत्रीय सरकार की प्रवक्ता युमिका कामी ने बताया कि अब तक 41 की मौत हो चुकी है। एक हजार से ज्यादा लोग घायल हैं। इनमें 184 गंभीर हैं। 90 हजार लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। 1,70,000 घरों में बिजली और 3,85,000 घरों में पानी की आपूर्ति ठप हो चुकी है। सड़कों और रेल मार्ग को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। इसके कारण सुदूर इलाकों का कुमामोटो से संपर्क पूरी तरह कट गया है।

बुधवार से पांच से ज्यादा की तीव्रता वाले 230 से ज्यादा झटके महसूस किए गए हैं। शुक्रवार देर रात 7.1 और गुरुवार की रात 6.4 की तीव्रता का शक्तिशाली झटका आया था। कुमामोटो में सोनी, होंडा, निसान, मित्सुबिशी जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की इकाइयां भी हैं। इनमें उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है। गौरतलब है कि मार्च 2011 में उत्तरी जापान में भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। 11 मार्च को आए नौ की तीव्रता वाले भूकंप के बाद सुनामी और परमाणु ऊर्जा संयंत्र में हादसे से करीब 20 हजार लोगों की मौत हो गई थी।

जापान में भूकंप की वजह से हुए नुकसान से दुखी हूं। मैं शोक संतप्त परिवारों और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं।

-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

जापान में फिर आया भूकंप, जानिए- बार-बार जापान में क्यों आता है भूकंप?

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Posted By: Sanjeev Tiwari