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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वीडियो जारी कर आइएस ने कहा 'ढाका हमला तो ट्रेलर था, पूरी फिल्म बाकी है'

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Wed, 06 Jul 2016 07:46 PM (IST)Updated: Wed, 06 Jul 2016 08:13 PM (IST)

ढाका के एक रेस्तरां पर हुए हमले को इसकी झलक बताते हुए वीडियो में कहा गया है कि जब तक ...और पढ़ें

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ढाका, रायटर। बर्बर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने शरई कानून स्थापित करने के लिए बांग्लादेश सहित अन्य जगहों पर हमले की चेतावनी दी है। ढाका के एक रेस्तरां पर हुए हमले को इसकी झलक बताते हुए वीडियो में कहा गया है कि जब तक पूरी दुनिया में शरई शासन स्थापित नहीं होता हमले जारी रहेंगे। वीडियो में दिख रहे तीनों आतंकी बांग्लादेश के हैं और अंग्रेजी व बंगाली में बात कर रहे हैं। इनकी पहचान की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।

आतंकियों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने वाली खुफिया संगठन सिते के अनुसार वीडियो की शुरुआत पेरिस, ब्रसेल्स और ऑरलैंडो हमले की तस्वीरों से होती है। इसे आइएस की स्वयंभू खिलाफत की राजधानी सीरियाई शहर रक्का की एक व्यस्त गली में फिल्माया गया है। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार आतंकी संगठन से जुड़ी एक वेबसाइट पर सबसे पहले भेजे गए इस वीडियो को बुधवार तड़के यूट्यूब पर जारी किया गया। वीडियो मे दिख रहे एक आतंकी का नाम अबू इस अल बंगाली बताया गया है। हमलों की चेतावनी देते हुए वह कह रहा है कि जब तक पूरी दुनिया में शरई शासन लागू नहीं होता वे रूकेंगे नहीं। बांग्लादेश की वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपराध बताते हुए उसने कहा है कि बांग्लादेशी शासकों ने ऐसा जिहाद इससे पहले नहीं देखा होगा। दूसरा आतंकी वर्तमान सरकार को काफिरों की सरकार बता रहा है। तीसरा आतंकी मुसलमानों से अपनी जमात में शामिल होने का आह्वान करता नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि शुक्रवार की रात ढाका के एक रेस्तरां पर हमला कर आतंकियों ने 22 लोगों की हत्या कर दी थी। इनमें 20 विदेशी नागरिक थे। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में पांच आतंकियों को मार गिराया था। आइएस ने हमले की जिम्मेदारी ली थी और उसकी न्यूज एजेंसी अमाक ने पांचों हमलावरों की तस्वीर जारी की थी। हालांकि बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि इस हमले के पीछे स्थानीय प्रतिबंधित संगठन जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश है। बांग्लादेश में हुई यह पहली घटना नहीं है जिसकी जिम्मेदारी आइएस ने ली है। अप्रैल में अपनी पत्रिका दाबिक में आतंकियों ने दावा किया था कि वे बांग्लादेश से भारत और म्यांमार में भी हमला करने में सक्षम हैं।

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