संयुक्त राष्ट्र। भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की 125 वीं जयंती पर पहली बार संयुक्त राष्ट्र में समारोह आयोजित किया गया। उन्हें वैश्विक प्रणेता के तौर पर प्रस्तुत कर भारत के साथ मिलकर डॉ. अंबेडकर के सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के बैनर तले आयोजित किया गया। इसमें संगठन की प्रशासक हेलेन क्लार्क ने कहा, हम भारत के साथ मिलकर डॉ. अंबेडकर के बताए रास्ते पर चलने को संकल्पबद्ध हैं। यह संकल्प हमारे 2030 की कार्यसूची में शामिल है। उल्लेखनीय है कि क्लार्क संयुक्त राष्ट्र की अगली महासचिव बनने की सशक्त दावेदार हैं।

वह न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री भी रह चुकी हैं। समारोह स्थल विभिन्न देशों के राजनयिकों, विद्वानों, शोधकर्ताओं और अंबेडकर समर्थकों से खचाखच भरा हुआ था। वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर को बहुत महान आदमी की संज्ञा दी। कहा कि वह सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम उन देशों के लिए भी प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं जहां की बड़ी आबादी गरीबी, भुखमरी, पिछड़ेपन और गैर बराबरी की शिकार है। वहां की जनता भी अपने नेताओं में डॉ. अंबेडकर का अक्श तलाशती है। समारोह में मौजूद पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चरणजीत सिंह अटवाल ने डॉ. अंबेडकर के जन्म दिवस 14 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय समानता दिवस के रूप में मनाए जाने की अपील संयुक्त राष्ट्र से की।

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Posted By: Gunateet Ojha

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