लंदन। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद [आईसीसी] की क्रिकेट समिति ने शुक्रवार को वार्षिक बैठक में विवादास्पद डकवर्थ-लुईस प्रणाली को बरकरार रखा है। यह प्रणाली मैच के दौरान बारिश के व्यवधान डालने पर संशोधित लक्ष्य के रूप में प्रयोग की जाती है।

आईसीसी ने विवादास्पद डकवर्थ लुईस प्रणाली को भी जारी रखा है। इससे पूर्व आईसीसी एक भारतीय इंजीनियर वी जयदेवन ने 12 सालों से चल रहे डकवर्थ लुईस नियम में कई खामियों को उजागर करते हुए एक वैकल्पिक नियम पेश किया। आईआईटी के पूर्व छात्र रहे जयदेवन ने पिछले महीने हांगकांग में आईसीसी के सामने इस प्रणाली की प्रस्तुति दी थी। दूसरी ओर, आईसीसी ने इस बात को फिर से दोहराया कि डिसीजन रिव्यू सिस्टम [डीआरएस] को टेस्ट और वनडे क्रिकेट में लागू करने का फैसला बोर्ड के वित्तीय प्रबंध पर निर्भर करेगा।

आईसीसी ने बयान जारी कर कहा, 'जिन मैचों में डीआरएस इस्तेमाल हुआ है उनमें पहले के मुकाबले सुधार देखने को मिला है। टेस्ट मैचों में सही निर्णय 4.27 फीसदी बढ़ा है जबकि वनडे मैचों में 5.01 फीसदी सुधार हुआ है। जहां तक ओवरआल में सुधार की बात है तो वह 4.49 फीसदी बढ़कर 98.26 फीसदी हो गया है।'

इसके अलावा आईसीसी ने इस बात पर सहमति जताई कि टी-20 विश्व के दोनों वर्गो [पुरुष व महिला] का टूर्नामेंट हर दो साल पर और एक साथ ही आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही 2014 से टी-20 विश्व कप में 16 टीमों को रखने का फैसला लिया है।

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