NHAI का हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए नया नियम, 1 दिसंबर से होगा लागू; क्या-क्या बदलेगा?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बड़े पुलों और महत्वपूर्ण संरचनाओं के डिजाइन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रूफ चेकिंग व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

पुलों की गुणवत्ता हेतु प्रूफ चेकिंग व्यवस्था मजबूत की जा रही
HighLights
पुलों की गुणवत्ता हेतु प्रूफ चेकिंग व्यवस्था मजबूत की जा रही
आईआईटी और विशेषज्ञ संस्थान करेंगे डिजाइन की स्वतंत्र जांच
नई व्यवस्था 1 दिसंबर 2026 से सभी परियोजनाओं पर लागू
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बड़े पुलों सहित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की महत्वपूर्ण संरचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब प्रूफ चेकिंग की व्यवस्था को और मजबूत बनाने का प्रयास है।
एनएचएआई ने ऐसी संरचनाओं के डिजाइन और ड्राइंग की प्रूफ चेकिंग के लिए ब्रिज इंजीनियरिंग और हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में प्रमाणित विशेषज्ञता रखने वाले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी), अन्य प्रतिष्ठित सरकारी तकनीकी संस्थानों और फर्मों को सूचीबद्ध करने का निर्णय किया है। ठेकेदार फर्मों को इन्हीं में से प्रूफ चेकिंग के लिए फर्म का चयन कर सकेंगे।
IIT और विशेषज्ञ संस्थान करेंगे डिजाइन की जांच
एनएचएआई का मानना है कि बड़े पुल और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाएं लंबी अवधि के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनके डिजाइन, हाइड्रोलाजिकल और हाइड्रोलिक स्टडी की स्वतंत्र प्रूफ चेकिंग इसलिए आवश्यक है, ताकि संरचना की सुरक्षा, टिकाऊपन, इंडियन रोड कांग्रेस कोड और अनुबंध की शर्तों का पालन पूरी तरह से कराया जा सके।
ऐसे में एनएचएआई जिन भी संस्थाओं को सूचीबद्ध करेगा, उनकी सूची पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। सभी मोड के प्रोजेक्ट जैसे कि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी), बिल्ड, आपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) और एमएएम (हाइब्रिड एन्युटी मोड) में यह प्रविधान रहेगा।
ठेकेदार फर्म सबसे पहले एक डिजाइन डायरेक्टर नियुक्त करेंगे। वह निविदा की शर्तों के आधार पर डिजाइन-ड्राइंग तैयार करेंगे। अथारिटी इंजीनियर या इंडिपेंडेंट इंजीनियर उसकी नियम-शर्तों के अनुसार समीक्षा कर स्वीकृत करेंगे।
स्वीकृत डिजाइन के साथ ठेकेदार फर्म द्वारा सूचीबद्ध संस्थानों में से तीन विकल्प दिए जाएंगे। उनमें से एक या आवश्यकता अनुसार दो संस्थानों का चयन एनएचएआइ के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा किया जाएगा।
नई व्यवस्था 1 दिसंबर 2026 से सभी परियोजनाओं पर लागू
एनएचएआई के दिशा-निर्देशों, तकनीकी प्रविधानों को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ संस्थान डाक्यूमेंट और डाटा के आधार पर डिजाइन और ड्राइंग की स्वतंत्र प्रूफ चेकिंग करेगा।
इसके लिए विशेषज्ञ संस्थान की ओर से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। प्रूफ चेकिंग में जो भी विश्लेषण या निर्देश दिया जाएगा, उसका पालन सुनिश्चित कराने के बाद ही एई-आइई द्वारा डिजाइन और ड्राइंग को अंतिम रूप से स्वीकृति दी जा सकेगी।
एनएचएआई ने कहा है कि यह व्यवस्था एक दिसंबर 2026 से सभी नई परियोजनाओं में प्रभावी होगी। जिन परियोजनाओं के लिए टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अभी डिजाइन और ड्राइंग प्रस्तुत नहीं हुए हैं, उनमें भी इसे लागू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रूफ चेकिंग की व्यवस्था अभी भी है, लेकिन संस्थान के चयन की प्रक्रिया अब तक स्वतंत्र थी।
