नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर बताया कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के अधिकारियों के असहयोग के आरोपों का गलत बताया है। केंद्र ने कहा कि अधिकारियों पर दिल्ली सरकार द्वारा लगाए गए आरोप गलत और आधारहीन हैं।

मीटिंग में नहीं शामिल होते अफसर- सिसोदिया

बता दें कि सिसोदिया ने अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वह दिल्ली सरकार की बैठक में उपस्थित नहीं होते हैं। साथ ही यह भी कहा था कि अफसर दिल्ली सरकार की योजनाओं पर अमल करवाने में भी अपेक्षित सहयोग नहीं देते हैं। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि अफसरों मंत्रियों के फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया है और ये मामले दिल्ली के वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की नियुक्ति के साथ और अधिक तेज हो गए हैं।

'डिप्टी सीएम के आरोप पूरी तरह गलत'

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया कि ये आरोप भी पूरी तरह से गलत है कि अधिकारियों को आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री फोन करते हैं तो वे फोन कॉल पिकअप नहीं करते और पलट कर फोन भी नहीं करते। जांच में मालूम चला कि अधिकारी कुछ अवसरों को छोड़कर सभी बैठकों में भाग लेते हैं। पूछताछ में यह जानकारी भी हुई है कि जिन तारीखों को कुछ अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्हीं दिनों में दिल्ली सरकार द्वारा उन्हें आधिकारिक रूप से कुछ और काम सौंपे गए थे।

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Edited By: Abhishek Tiwari

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