फ्लोर टेस्ट में विजय होंगे पास या फेल? HC ने TVK विधायक को विधानसभा जाने से रोका; सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
मद्रास उच्च न्यायालय ने टीवीके विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को विधानसभा में विश्वास मत सहित मतदान करने से रोक दिया ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को टीवीके विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति को 17वीं विधानसभा में मतदान करने से रोक दिया, जिसमें विश्वास मत भी शामिल है। तमिलगा वेट्टई कझगम यानी TVK के MLA श्रीनिवास सेतुपति ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
इस मामले की मुख्य सुनवाई 20 मई को होनी तय है। लेकिन उससे पहले फ्लोर टेस्ट को लेकर यह आदेश तमिलनाडु की राजनीति में हलचल बढ़ाने वाला साबित हुआ। हाईकोर्ट के आदेश के तुरंत बाद TVK विधायक श्रीनिवास सेतुपति ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इन्हीं टीवीके विधायक ने तिरुपत्तुर विधानसभा क्षेत्र से केवल एक वोट से जीत हासिल की थी। जस्टिस एल.विक्टोरिया गोवरी और एन. सेंथिलकुमार की एक अवकाश पीठ ने इस अंतरिम निषेधाज्ञा को उस याचिका पर जारी किया, जिसे द्रमुक उम्मीदवार के.आर.पेरियाकरुप्पन ने दायर किया था, जो 23 अप्रैल को हुए चुनाव में टीवीके विधायक से हार गए थे।
श्रीनिवास सेतुपति पर उठे सवाल
श्रीनिवास सेतुपति किसी भी अविश्वास प्रस्ताव में भी मतदान नहीं कर सकते हैं। संयोगवश, सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार बुधवार को अपने फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी, जो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद होगा।
अपनी याचिका में पूर्व मंत्री पेरियाकरुप्पन ने वोटों की पुनर्गणना की मांग की और श्रीनिवास सेतुपति को विधायक के रूप में शपथ लेने से रोकने के अंतरिम आदेश की भी मांग की। जबकि श्रीनिवास सेतुपति ने चुनाव में 83,365 वोट प्राप्त किए, पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले। श्रीनिवास सेतुपति को केवल एक वोट के अंतर से विजेता घोषित किया गया।
